अमेरिकी शुल्क घोषणा के बाद सौर कंपनियों के शेयर में आई गिरावट
अमेरिकी शुल्क घोषणा के बाद सौर कंपनियों के शेयर में आई गिरावट
नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) कुछ भारतीय सौर उत्पादों पर अमेरिका में 125.87 प्रतिशत का प्रारंभिक प्रतिपूरक शुल्क लगाए जाने की घोषणा के बाद सौर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयर में बुधवार को भारी गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई पर वारी एनर्जीज के शेयर में 10.47 प्रतिशत, प्रीमियर एनर्जीज के शेयर में 6.27 प्रतिशत, विक्रम सोलर के शेयर में 5.45 प्रतिशत और स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी के शेयर में 1.05 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
कारोबार के दौरान बीएसई पर वारी एनर्जीज लिमिटेड का शेयर एक समय 14.99 प्रतिशत लुढ़क गया था जबकि प्रीमियर एनर्जीज लिमिटेड के शेयर में 14.23 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई।
इसी तरह विक्रम सोलर लिमिटेड का शेयर 7.47 प्रतिशत और स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड का शेयर 2.36 प्रतिशत टूट गया था।
हालांकि बाद में इन कंपनियों के शेयरों में थोड़ा सुधार देखा गया और उनकी गिरावट में कुछ कमी दर्ज की गई।
अमेरिका ने आरोप लगाया है कि भारतीय सौर उत्पादों को अनुचित सरकारी सब्सिडी दी जा रही है जिसके कारण 125.87 प्रतिशत का प्रारंभिक प्रतिपूरक शुल्क लगाने की घोषणा की गई है।
अमेरिकी आदेश के अनुसार, ‘‘24 फरवरी 2026 को अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने भारत, इंडोनेशिया और लाओस से क्रिस्टलाइन सिलिकॉन फोटोवोल्टिक सेल, चाहे वे मॉड्यूल में संयोजित हों या नहीं (सोलर सेल), के संबंध में प्रतिपूरक शुल्क जांच में अपने प्रारंभिक निष्कर्षों की घोषणा की।’’
ये शुल्क अमेरिकी प्रशासन द्वारा 24 फरवरी से सभी देशों पर घोषित 10 प्रतिशत वैश्विक शुल्क के अतिरिक्त हैं।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कोष प्रबंधन विभाग के शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘अमेरिका द्वारा भारत से सौर ऊर्जा आयात पर 126 प्रतिशत का प्रारंभिक शुल्क लगाने के बाद घरेलू बाजार में माहौल नरम पड़ गया। मंत्रालय ने अनुचित विनिर्माण सब्सिडी का हवाला देते हुए यह कदम उठाया, जिससे निर्यातक को अमेरिकी उत्पादकों से कम कीमत पर उत्पाद बेचने में मदद मिली।’’
भाषा निहारिका निहारिका प्रेम
प्रेम

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