सिंगापुर की ठकराल कॉरपोरेशन की भारत में ड्रोन कलपुर्जों का विनिर्माण करने की योजना

सिंगापुर की ठकराल कॉरपोरेशन की भारत में ड्रोन कलपुर्जों का विनिर्माण करने की योजना

सिंगापुर की ठकराल कॉरपोरेशन की भारत में ड्रोन कलपुर्जों का विनिर्माण करने की योजना
Modified Date: February 27, 2026 / 10:42 am IST
Published Date: February 27, 2026 10:42 am IST

(गुरदीप सिंह)

सिंगापुर, 27 फरवरी (भाषा) सिंगापुर में सूचीबद्ध ठकराल कॉरपोरेशन लिमिटेड भारत में ड्रोन के कलपुर्जों का विनिर्माण करने की योजना बना रही है।

ठकराल ने बृहस्पतिवार को जारी अपनी नवीनतम वित्तीय रिपोर्ट में कहा, ‘‘ कंपनी ड्रोन क्षेत्र में विस्तार करने और औद्योगिक व वाणिज्यिक ड्रोन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, भारत में ‘एंटरप्राइज-ग्रेड’ और विशेषीकृत ड्रोन के विनिर्माण की संभावनाओं का पता लगाने की योजना बना रही है। इन पहलों के माध्यम से, समूह इस कम सेवा प्राप्त बाजार में अवसरों का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में होगा।’’

समूह ने कहा कि वह अपनी अनुषंगी कंपनी भारत स्काइटेक के माध्यम से कृषि ड्रोन खंड में वृद्धि हासिल करने के लिए अच्छी स्थिति में है, जो घरेलू विनिर्माताओं को ड्रोन कलपुर्जों का निर्माण और आपूर्ति करती है।

ठकराल का चीन के डीजेआई टेक्नोलॉजी समूह के साथ समझौता है।

जापान, ऑस्ट्रेलिया और चीन में परिचालन करने वाले सिंगापुर के भारतीय मूल के व्यापार समूह ने कहा कि दक्षिण एशिया में समूह की डीजेआई ड्रोन, सहायक उपकरणों और ऑडियो-विजुअल उत्पादों की श्रृंखला की मांग लगातार बढ़ रही है। ‘‘समूह के आगे के विस्तार के तहत, ठकराल अगले दो से तीन वर्ष में भारत और अन्य दक्षिण एशियाई देशों में 20-30 डीजेआई रिटेल स्टोर खोलने की योजना बना रहा है, जिनमें प्रमुख शहरों में ‘फ्लैगशिप स्टोर’ शामिल होंगे जिसकी शुरुआत 2026 की पहली छमाही से होगी।’’

ठकराल, भारत के ड्रोन परिवेश का लाभ उठा रहा है। इसने एक उद्योग रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश का ड्रोन बाजार वित्त वर्ष 2023-24 में 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2029-30 तक 11 अरब अमेरिकी डॉलर का हो जाएगा।

यह समूह एशिया के कई देशों विशेष रूप से भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और चीन में परिचालन करता है। भारत में यह ड्रोन घटकों के विनिर्माण, प्रीमियम ब्रांड वितरण (जैसे नेस्प्रेसो) और रियल एस्टेट विकास परियोजनाओं में सक्रिय है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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