भारतीय कंपनियों के विदेशों में किए गए प्रमुख सौदों में शामिल सन फार्मा का अधिग्रहण
भारतीय कंपनियों के विदेशों में किए गए प्रमुख सौदों में शामिल सन फार्मा का अधिग्रहण
नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड का अमेरिका स्थित ऑर्गेनॉन एंड कंपनी के 11.75 अरब अमेरिकी डॉलर के उद्यम मूल्य पर प्रस्तावित अधिग्रहण किसी भारतीय कंपनी का दवा क्षेत्र में किया गया अब तक का सबसे बड़ा विदेशी अधिग्रहण है।
यह सौदा टाटा स्टील द्वारा कोरस ग्रुप पीएलसी के अधिग्रहण के बाद किसी भारतीय कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा विदेशी सौदा भी है।
भारतीय कंपनियों द्वारा अभी तक किए गए कुछ प्रमुख विदेशी अधिग्रहण इस प्रकार हैं:-
– टाटा स्टील ने 2007 में एंग्लो-डच इस्पात विनिर्माता कोरस ग्रुप पीएलसी का 12 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया। यह किसी भी भारतीय कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा विदेशी अधिग्रहण था। नकद मूल्य पर हुए इस सौदे से 2.7 करोड़ टन कच्चे इस्पात क्षमता और लगभग 84,000 कर्मचारियों वाली इकाई बनी जो उस समय दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनी थी।
– भारती एयरटेल ने कुवैत की जेन टेलीकॉम के अफ्रीकी कारोबार का 10.7 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया। यह भारतीय कंपनी द्वारा किया गया सबसे बड़ा दूरसंचार अधिग्रहण था जिससे कंपनी की मौजूदगी 15 अफ्रीकी देशों में हो गई।
-हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने 2007 में नोवेलिस का छह अरब डॉलर में अधिग्रहण किया जिसमें लगभग 2.4 अरब डॉलर का कर्ज भी शामिल था। इस समझौते के तहत नोवेलिस के शेयरधारकों को प्रति शेयर 44.93 डॉलर नकद दिए गए।
-टाटा मोटर्स ने 2025 में इटली स्थित इवेको ग्रुप के वाणिज्यिक वाहन कारोबार (रक्षा को छोड़कर) को 3.8 अरब यूरो (लगभग 4.5 अरब डॉलर) में खरीदने पर सहमति जताई। यह भारतीय वाहन विनिर्माता का सबसे बड़ा अधिग्रहण है।
-भारती एयरटेल ने ब्रिटेन की बीटी ग्रुप में करीब चार अरब डॉलर में 24.5 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी जिससे वह इस ब्रॉडबैंड एवं मोबाइल सेवा प्रदाता की सबसे बड़ी एकल शेयरधारक बन गई।
भाषा निहारिका रमण
रमण

Facebook


