बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त नकदी तीन माह के निचले स्तर पर
बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त नकदी तीन माह के निचले स्तर पर
मुंबई, 18 जून (भाषा) बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी तेजी से घटकर करीब तीन महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। नकदी बढ़ाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के प्रयासों के बावजूद अग्रिम कर भुगतान के कारण पैसा बाहर जाने के चलते ऐसा हुआ है।
आरबीआई के आंकड़ों का पीटीआई-भाषा द्वारा किए गए विश्लेषण के मुताबिक, 17 जून को बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त नकदी घटकर 4,772.21 करोड़ रुपये रह गई, जबकि 16 जून को यह 23,881.21 करोड़ रुपये थी।
आंकड़ों से पता चलता है कि 17 जून का स्तर 22 मार्च, 2026 के बाद सबसे कम है, जब बैंकिंग प्रणाली में 65,395.64 करोड़ रुपये की नकदी कम थी।
विशेषज्ञों ने कहा कि अग्रिम कर भुगतान के कारण बैंकिंग प्रणाली से धन की निकासी होने से नकदी की स्थिति पर दबाव पड़ा है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंक नकदी बढ़ाने के लिए अधिक संख्या में परिवर्ती रेपो दर (वीआरआर) नीलामी कर सकता है।
नकदी की स्थिति सख्त होने से भारित औसत कॉल मनी दर आरबीआई की 5.25 प्रतिशत की रेपो दर से ऊपर चली गई है।
नकदी से जुड़े दबाव को कम करने और ओवरनाइट मुद्रा बाजार दरों को नियंत्रण में रखने के लिए आरबीआई ने पिछले कुछ दिन में विभिन्न अवधि की वीआरआर नीलामियों के जरिये लगभग 1.89 लाख करोड़ रुपये की अस्थायी नकदी डाली है।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 18 जून को दो वीआरआर नीलामियों के माध्यम से 72,300 करोड़ रुपये, 16 जून को सात दिन की वीआरआर नीलामी के जरिये 89,440 करोड़ रुपये और 15 जून को ओवरनाइट वीआरआर नीलामी के जरिये 28,220 करोड़ रुपये बैंकिंग प्रणाली में डाले गए।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
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