लॉजिस्टक प्रदर्शन रैंकिंग में तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और मिजोरम अव्वल
लॉजिस्टक प्रदर्शन रैंकिंग में तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और मिजोरम अव्वल
नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, मिजोरम और दिल्ली को 2025 के लिए लॉजिस्टिक प्रदर्शन रैंकिंग में ‘उत्कृष्ट’ श्रेणी में रखा गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
लीड्स (विभिन्न राज्यों में लॉजिस्टिक सुगमता) 2025 रिपोर्ट के अंतर्गत जारी लॉजिस्टिक सूचकांक चार्ट, निर्यात और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक सेवाओं की दक्षता को बताता है।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘उत्कृष्ट’ श्रेणी उन शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दर्शाता है जो लॉजिस्टिक क्षेत्र में नीति, बुनियादी ढांचा, सेवा वितरण और नियामक आयामों में निरंतर बेहतरीन प्रदर्शित करते हैं।
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) का लीड्स राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लॉजिस्टिक प्रदर्शन का प्रमुख राष्ट्रीय मूल्यांकन है। यह देश भर में लॉजिस्टिक दक्षता में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण मानक और सुधार उपाय के रूप में कार्य करता है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यहां यह रिपोर्ट जारी की।
रिपोर्ट के अनुसार, 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों… गुजरात, केरल, महाराष्ट्र, हरियाणा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार, त्रिपुरा, मेघालय, जम्मू- कश्मीर तथा पुडुचेरी… को ‘उच्च प्रदर्शन करने वाले’ श्रेणी में रखा गया है।
उच्च प्रदर्शन करने वाले उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कहते हैं जो अधिकांश प्रदर्शन संकेतकों में मजबूत और निरंतर परिणाम प्रदर्शित करते हैं।
इसी प्रकार, 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ‘उत्प्रेरक’ श्रेणी में रखा गया है।
इस श्रेणी में आंध्र प्रदेश, ओडिशा, गोवा, कर्नाटक, पंजाब, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, असम, दादरा एवं नगर हवेली, दमन एवं दीव, चंडीगढ़, लद्दाख और लक्षद्वीप शामिल हैं।
‘उत्प्रेरक’ श्रेणी में वे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं जिन्होंने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय सुधार की गति और स्पष्ट सुधारवादी दृष्टिकोण प्रदर्शित किया है।
‘वृद्धि चाहने वाले’ श्रेणी में पश्चिम बंगाल, राजस्थान, सिक्किम और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।
वृद्धि चाहने वाले उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो लॉजिस्टिक प्रणाली विकास और संस्थागत सुदृढ़ीकरण के प्रारंभिक चरण में हैं।
यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति के तहत एकीकृत, आंकड़ा-आधारित लॉजिस्टिक सुधारों पर सरकार के जोर को दर्शाती है।
भाषा रमण अजय
अजय

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