चाय बोर्ड ने आयातित चाय की 100 प्रतिशत जांच का निर्णय लिया: डिप्टी चेयरमैन
चाय बोर्ड ने आयातित चाय की 100 प्रतिशत जांच का निर्णय लिया: डिप्टी चेयरमैन
कोलकाता, तीन जनवरी (भाषा) चाय बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन सी मुरुगन ने शनिवार को भरोसा दिलाया कि देश में सस्ती और निम्न गुणवत्ता वाली चाय के आयात को रोकने के लिए आयात की गुणवत्ता का 100 प्रतिशत परीक्षण किया जाएगा।
चाय उद्योग ने शिकायत की है कि नेपाल और वियतनाम जैसे देशों से सस्ती और खराब गुणवत्ता वाली चाय देश में आ रही है, जिससे उद्योग को नुकसान हो रहा है।
चाय एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएआई) की द्विवार्षिक बैठक में मुरुगन ने कहा कि बोर्ड आयात की गुणवत्ता का 100 प्रतिशत परीक्षण करने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप दे रहा है।
उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना तैयार की जा रही है, जिसमें 15–20 दिन लगेंगे। इसके बाद कानूनी सलाह और वाणिज्य मंत्रालय की मंजूरी ली जाएगी।
मुरुगन ने कहा कि बोर्ड उद्योग में सुविधा प्रदान करेगा और नियंत्रण को आसान बनाएगा। चाय बोर्ड नीलामी प्रणाली में सीधे शामिल नहीं होगा, लेकिन इसे सुगम बनाएगा। साथ ही, भारतीय चाय के प्रचार और विपणन को बढ़ावा देने का प्रयास भी करेगा।
उन्होंने बताया कि चाय विकास और प्रचार योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे छोटे चाय उत्पादकों को भी लाभ मिलेगा।
पश्चिम बंगाल के श्रम सचिव अवनींद्र सिंह ने कहा कि चाय उद्योग कठिन दौर से गुजर रहा है। नेपाल से आयातित सस्ती और निम्न गुणवत्ता वाली चाय दार्जीलिंग चाय उद्योग को नुकसान पहुंचा रही है।
उन्होंने उद्योग से अपील की कि बंद चाय बागानों को खरीदकर उन्हें पुनर्जीवित किया जाए और इसमें कामगारों को इक्विटी देकर उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इससे कामगारों में स्वामित्व की भावना विकसित होगी।
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय

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