तेलंगाना ने शहरी स्थानीय निकाय सुधारों को पूरा किया, 2,508 करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज की अनुमति मिली

तेलंगाना ने शहरी स्थानीय निकाय सुधारों को पूरा किया, 2,508 करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज की अनुमति मिली

तेलंगाना ने शहरी स्थानीय निकाय सुधारों को पूरा किया, 2,508 करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज की अनुमति मिली
Modified Date: November 29, 2022 / 08:30 pm IST
Published Date: January 7, 2021 1:55 pm IST

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाष) केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा निर्धारित शहरी स्थानीय निकायों में सुधारों को लागू करने के मामले में आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश के बाद तेलंगाना तीसरा राज्य बन गया है।

इस सुधार को लागू करने के बाद मंत्रालय ने राज्य को 2,508 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति दे दी है।

वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले व्यय विभाग ने बृस्पतिवार को खुले बाजार के जरिये राज्य को 2,508 करेड़ रुपये अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने की अनुमति दे दी।

मंत्रालय के बयान के अनुसार शहरी स्थानीय निकाय सुधारों के पूरा होने से तीन राज्यों को कुल 7,406 करोड़ रुपये अतिरिक्त उधारी की मंजूरी दी गयी।

शहरी स्थानीय निकायों और अन्य जरूरी नागरिक सेवाएं देने वाले निकायों में सुधारों का मकसद राज्य में इन इकाइयों को वित्तीय रूप से सुदृढ़ करना है ताकि वे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता सेवाएं दे सके। साथ ही आर्थिक रूप से मजबूत स्थानीय निकाय नागरिकों से जुड़े बेहतर ढांचागत सुविधाएं सृजित कर सकेंगे।

कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न चुनौतियों के लिये संसाधन की जरूरतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने 17 मई, 2020 को राज्यों की उधारी सीमा में उनके सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडी) का 2 प्रतिशत की वृद्धि की।

बढ़ायी गयी सीमा में से आधा हिस्सा राज्यों के नागरिक केंद्रित सुधारों से जुड़ा था। राज्यों को प्रत्येक क्षेत्र में सुधारों को लागू करने के एवज में जीएसडीपी का 0.25 प्रतिशत अतिरिक्त कोष जुटाने की मंजूरी दी गयी।

सुधारों को लेकर जिन चार क्षेत्रों की पहचान की गयी है, वे हैं… एक देश-एक राशन कार्ड प्रणाली, कारोबार सुगमता से जुड़े सुधार, शहरी स्थानीय निकायों में सुधार और बिजली क्षेत्र में सुधार।

अब तक 10 राज्यों ने एक देश-एक राशन कार्ड प्रणाली, सात ने कारोबार सुगमता सुधारों और तीन राज्यों ने शहरी स्थानीय निकाय सुधारों को लागू किये हैं।

बयान के अनुसार सुधारों को लागू करने वाले राज्यों को अबतक 54,190 करोड़ रुपये की अतिरिक्त उधारी की मंजूरी दी गयी है।

भाषा

रमण महाबीर

महाबीर


लेखक के बारे में