सीधे मोबाइल पर टीवी प्रसारण प्रौद्योगिकी के परीक्षण पर दूरसंचार उद्योग निकाय ने चिंता जताई

सीधे मोबाइल पर टीवी प्रसारण प्रौद्योगिकी के परीक्षण पर दूरसंचार उद्योग निकाय ने चिंता जताई

सीधे मोबाइल पर टीवी प्रसारण प्रौद्योगिकी के परीक्षण पर दूरसंचार उद्योग निकाय ने चिंता जताई
Modified Date: January 5, 2026 / 08:23 pm IST
Published Date: January 5, 2026 8:23 pm IST

नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) दूरसंचार उद्योग के शीर्ष संगठन सीओएआई ने सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती द्वारा सीधे मोबाइल पर टीवी प्रसारण (डी2एम) प्रौद्योगिकी के हालिया परीक्षण पर सोमवार को चिंता जताते हुए कहा कि यह परीक्षण दूरसंचार कंपनियों और मोबाइल विनिर्माताओं को शामिल किए बगैर किया गया।

डी2एम प्रसारण प्रौद्योगिकी के सफल होने पर मोबाइल फोन पर टीवी चैनल का सजीव प्रसारण देखा जा सकेगा और इसके लिए मोबाइल नेटवर्क की भी जरूरत नहीं होगी।

प्रसार भारती ने वर्ष 2019 में डी2एम प्रसारण के तकनीकी परीक्षण के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर के साथ एक समझौता किया था। आईआईटी कानपुर ने यह परीक्षण एरासियान टेक्नोलॉजी और टाटा की तेजस नेटवर्क्स की मदद से किया और नवंबर, 2025 में रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में कुछ शुरुआती चिंताओं को खारिज कर दिया गया था।

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भारतीय सेल्युलर ऑपरेटर संघ (सीओएआई) ने कहा कि इस तरह के परीक्षण में दूरसंचार सेवा प्रदाता और मोबाइल फोन विनिर्माता के शामिल नहीं होने से नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और उपभोक्ता सुरक्षा के मामलों में गंभीर असर पड़ सकता है।

सीओएआई के महानिदेशक एस पी कोचर ने कहा, ‘राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी जांच पारदर्शी, निष्पक्ष और सभी प्रासंगिक तकनीकी विकल्पों को शामिल करते हुए की जानी चाहिए।’

इस संदर्भ में प्रसार भारती को भेजे गए सवाल पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं मिली है।

उद्योग निकाय ने सरकार से दोबारा यह परीक्षण कराने और दूरसंचार कंपनियों, फोन विनिर्माता, चिपसेट विक्रेता, नियामक और मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं को उसमें शामिल करने की मांग की है। इसके साथ ही, सार्वजनिक परामर्श और स्पष्ट मानक तय करने की भी अपील की गई है।

सीओएआई ने कहा, “डी2एम प्रसारण का स्पेक्ट्रम, नेटवर्क, फोन और उपभोक्ता सुरक्षा पर व्यापक असर होगा। इसलिए नीति निर्माण में सभी पक्षों की भागीदारी जरूरी है ताकि भारत में डिजिटल विकास सुरक्षित और टिकाऊ बने।”

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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