आईटीसी इन्फोटेक के साथ विलय के बाद छंटनी नहीं होगी : हैपिएस्ट माइंड्स

आईटीसी इन्फोटेक के साथ विलय के बाद छंटनी नहीं होगी : हैपिएस्ट माइंड्स

आईटीसी इन्फोटेक के साथ विलय के बाद छंटनी नहीं होगी : हैपिएस्ट माइंड्स
Modified Date: September 1, 2026 / 05:53 pm IST
Published Date: September 1, 2026 5:53 pm IST

नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज के प्रबंधन ने आईटीसी इन्फोटेक के साथ विलय के बाद किसी भी तरह की छंटनी की संभावना से मंगलवार को इनकार किया।

आईटी क्षेत्र के दिग्गज अशोक सूता हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज में अपनी बड़ी हिस्सेदारी करीब 1,330 करोड़ रुपये में बेच रहे हैं। इस राशि का इस्तेमाल वह चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अपने उपक्रमों को आगे बढ़ाने में करेंगे।

कंपनी ने कहा कि यह सौदा लागत में कटौती के बजाय प्रतिभाओं और ‘‘गहरी विशेषज्ञता’’ की जरूरत को ध्यान में रखकर किया गया है।

विलय की घोषणा के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बेंगलुरु स्थित कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि आईटीसी नेतृत्व ने पूरे कार्यबल और नेतृत्व दल को बनाए रखने की विशेष शर्त रखी है।

हैपिएस्ट माइंड्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जोसेफ अनंतरराजू ने कहा, ‘‘आईटीसी की एक प्रमुख मांग और शर्त यह थी कि हैपिएस्ट माइंड्स का प्रत्येक कर्मचारी कंपनी के साथ बना रहे। इस अधिग्रहण के प्रमुख कारणों में डिजिटल डेटा, साइबर सुरक्षा और कृत्रिम मेधा (एआई) में हमारी गहरी विशेषज्ञता शामिल है। वे इस क्षमता को खोना नहीं चाहते।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ जाहिर तौर पर, जब हम बातचीत शुरू करेंगे तो नया ढांचा विकसित होगा और लोगों की जिम्मेदारियां कुछ अलग हो सकती हैं, लेकिन हमें नेतृत्व में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है। हमारे पास अच्छी कारोबारी संभावनाएं और ऑर्डर बुक है। इसलिए किसी भी तरह की छंटनी की जरूरत नहीं है।’’

प्रबंधन ने बताया कि दोनों कंपनियां फिलहाल अपनी उपलब्ध क्षमता का काफी इस्तेमाल कर रही हैं। आईटीसी इन्फोटेक में यह 83-84 प्रतिशत और हैपिएस्ट माइंड्स में 80 प्रतिशत है। ऐसे में कर्मचारियों की संख्या घटाने की ज्यादा गुंजाइश नहीं है।

भूमिकाओं में संभावित दोहराव से जुड़ी चिंताओं पर हैपिएस्ट माइंड्स के प्रबंध निदेशक वेंकटरमन नारायणन ने कहा कि व्यापक स्तर पर काम के क्षेत्रों और प्रमुख ग्राहकों में बहुत कम दोहराव होगा।

नारायणन ने कहा, ‘‘छंटनी का सवाल ही नहीं उठता। हमें और क्षमताएं विकसित करनी चाहिए। एआई के दौर में भी काम करने या निगरानी के लिए आपको लोगों की जरूरत होती है।’’

उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक योजना लोगों से जुड़ी लागत घटाने के बजाय बेहतर नियुक्ति पहुंच और नए आपूर्ति केंद्रों जैसे आकार एवं विस्तार के लाभ हासिल करने पर केंद्रित है।

विविधीकृत कारोबारी समूह आईटीसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी आईटीसी इन्फोटेक रणनीतिक सौदे के तहत करीब 1,330 करोड़ रुपये में आईटी कंपनी हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज में 22.1 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। दोनों कंपनियों का विलय कर वित्त वर्ष 2027-28 तक एक अरब अमेरिकी डॉलर के कारोबार वाली एआई-केंद्रित कंपनी बनाई जाएगी।

शेयर बाजार को दी गई सूचना के अनुसार, 3,36,61,700 शेयर हैपिएस्ट माइंड्स के प्रवर्तक अशोक सूता और अशोक सूता मेडिकल रिसर्च एलएलपी से दो चरणों में खरीदे जाएंगे।

हिस्सेदारी खरीद के बाद हैपिएस्ट माइंड्स का आईटीसी इन्फोटेक में विलय कर दिया जाएगा। 19,000 से अधिक पेशेवरों वाले संयुक्त संगठन में एक-दूसरे की पूरक क्षमताएं होंगी जिससे निर्माण, बुद्धिमत्ता और संचालन से जुड़े एंड-टू-एंड समाधान की पूरी श्रृंखला उपलब्ध कराई जा सकेगी। साथ ही हाई-टेक, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा प्रौद्योगिकी समेत उच्च संभावनाओं वाले क्षेत्रों में विस्तार किया जाएगा।

इस सौदे के अगले 15 महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।

विलय प्रभावी होने के बाद आईटीसी इन्फोटेक को बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है।

विलय के बाद आईटीसी लिमिटेड के पास संयुक्त कंपनी की 73.4 प्रतिशत जबकि हैपिएस्ट माइंड्स के शेयरधारकों के पास शेष 26.6 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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