व्यापार समझौते बाजार पहुंच में सुधार से निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिकाः आरबीआई लेख
व्यापार समझौते बाजार पहुंच में सुधार से निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिकाः आरबीआई लेख
मुंबई, 20 फरवरी (भाषा) यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर वार्ता पूरी होने और अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौता होने से आने वाले वर्षों में भारत की बाजार पहुंच में सुधार और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने में मदद मिलने का अनुमान है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को एक बुलेटिन में यह बात कही।
आरबीआई के फरवरी बुलेटिन में ‘अर्थव्यवस्था की स्थिति’ पर प्रकाशित एक लेख में यह भी कहा गया कि अर्थव्यवस्था के लिए निकट भविष्य का आर्थिक परिदृश्य अनुकूल बना हुआ है और यह उपभोग, निवेश और उत्पादकता बढ़ाने वाले सुधारों से प्रेरित होकर अपनी उच्च वृद्धि गति को बनाए रखने के लिए अच्छी स्थिति में है।
बयान में कहा गया कि जनवरी के अंत तक भारत-ईयू मुक्त व्यापार वार्ता पूरी होने और उसके बाद भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता होने से आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है। इससे भारतीय कंपनियों को बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी, उनका निर्यात प्रतिस्पर्धात्मक बनेगा और वे वैश्विक व्यापार शृंखलाओं में अधिक गहराई से शामिल हो सकेंगे।
इस लेख के मुताबिक, इन समझौतों से तात्कालिक प्रभाव के तौर पर निवेशकों की धारणा में बदलाव आया है। फरवरी में इक्विटी और ऋण क्षेत्र में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश फिर से बढ़ा है।
लेख कहता है कि वित्त वर्ष-2026-27 के केंद्रीय बजट ने सरकार की वित्तीय अनुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को फिर से रेखांकित किया है। इसके साथ ही दीर्घकालिक वृद्धि पर ध्यान बनाए रखते हुए पूंजीगत व्यय के लिए आवंटन बढ़ाया गया है।
आरबीआई बुलेटिन के मुताबिक, संशोधित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) शृंखला के तहत जारी पहले आंकड़ों के हिसाब से मुख्य मुद्रास्फीति का स्तर नरम बना हुआ है।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि बुलेटिन के इस लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखकों के हैं और आरबीआई के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।
भाषा योगेश प्रेम
प्रेम

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