Bagalkot Violence: शिवाजी जयंती पर भड़की हिंसा, जुलूस के दौरान उपद्रवियों ने प्रतिमा पर फेंके पत्थर और चप्पल, मचा बवाल, पथराव में एसपी घायल

Bagalkote Violence: शिवाजी जयंती पर भड़की हिंसा, जुलूस के दौरान उपद्रवियों ने प्रतिमा पर फेंके पत्थर और चप्पल, मचा बवाल, पथराव में एसपी घायल

Bagalkot Violence: शिवाजी जयंती पर भड़की हिंसा, जुलूस के दौरान उपद्रवियों ने प्रतिमा पर फेंके पत्थर और चप्पल, मचा बवाल, पथराव में एसपी घायल

Bagalkote Violence | Photo Credit: IBC24

Modified Date: February 20, 2026 / 09:56 am IST
Published Date: February 20, 2026 9:56 am IST
HIGHLIGHTS
  • शिवाजी जयंती शोभायात्रा के दौरान बागलकोट में हिंसा और पत्थरबाजी हुई
  • उपद्रवियों ने प्रतिमा पर चप्पलें और पत्थर फेंके
  • एसपी सिद्धार्थ गोयल घायल हुए

बागलकोट: Bagalkote Violence कर्नाटक से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर बवाल मच गया। बताया जा रहा है कि शोभायात्रा के दौरान उपद्रवियों ने शिवाजी की प्रतिमा पर पत्थर और चप्पलें फेंकीं और सब्जियों के ठेले में आग लगा दी। इस घटना में मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों को चोट भी लगी है। पत्थरबाजी के कारण इलाके में तनाव का माहौल हो गया।

Bagalkote Violence मिली जानकारी के अनुसार, छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के उपलक्ष्य में निकाला गया था। जुलूस पुराने बागलकोट के संवेदनशील इलाके से गुजर रहा था। बताया जा रहा है कि जैसे ही जुलूस पनका मस्जिद के पास पहुंचा, तो वहां करीब 20 मिनट तक एक स्थान पर रुका रहा। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मस्जिद के भीतर मौजूद कुछ लोगों ने जुलूस के लंबे समय तक रुकने और बज रहे गीतों पर नाराजगी जताते हुए पुलिस से सवाल किए कि इस तरह के गीतों की अनुमति क्यों दी जा रही है। इसी बात को लेकर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच बहस शुरू हो गई, जो बाद में तनाव में बदल गई।

पथराव में एसपी घायल

सूत्रों के मुताबिक इस विवाद में मस्जिद की ओर से पहले चप्पल और पत्थर फेंके गए। जिसके बाद अचानक स्थिति बिगड़ गई। दोनों पक्षों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया और पथराव शुरू हो गई। इसी दौरान मौके पर मौजूद एसपी सिद्धार्थ गोयल को एक पत्थर गर्दन के पास आकर लगा। इस घटना में वो घायल हो गए। हालांकि, एसपी गोयल ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे गंभीर चोट टल गई।

सड़कों पर उतरे लोग

पथराव की घटना के बाद घटनास्थल पर ही अफरातफरी मची गई। देखते ही देखते हालत बेकाबू हो गया। पुलिस की भारी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया। वहीं घटना के बाद दूसरे पक्ष के लोग नाराज हो गए और सड़क पर उतर गए। हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें समझाकर वहां से हटाया। घटना के तुरंत बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

हिंदू संगठनों ने दी ये चेतावनी

वहीं दूसरी ओर इस हिंसा को लेकर कुछ युवक सड़कों पर उतर आए। पत्थरबाजी करने वाले उपद्रवियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई नहीं हुई बागलकोट बंद करने की चेतावनी दी है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर प्रदर्शनकारियों को शांत किया और उन्हें वापस भेज दिया।

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