लेनदेन कर वायदा सौदों पर 150 प्रतिशत, विकल्प पर 50 प्रतिशत बढ़ा, बाजार टूटा
लेनदेन कर वायदा सौदों पर 150 प्रतिशत, विकल्प पर 50 प्रतिशत बढ़ा, बाजार टूटा
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट में वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) खंड में अत्यधिक सट्टेबाजी रोकने के लिए डेरिवेटिव्स पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, शेयर बाजार को यह घोषणा पसंद नहीं आई।
सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि वायदा अनुबंधों पर एसटीटी को वर्तमान के 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया जाएगा।
इसके साथ ही विकल्प सौदों में प्रीमियम और विकल्प के उपयोग पर एसटीटी को बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत किया जाएगा जो वर्तमान में क्रमशः 0.1 और 0.125 प्रतिशत है।
उन्होंने यह भी कहा कि शेयरों की पुनर्खरीद से प्राप्त राशि पर सभी प्रकार के शेयरधारकों के लिए पूंजीगत लाभ कर लागू किया जाएगा।
एफएंडओ खंड में एसटीटी बढ़ाने का मकसद मुख्य रूप से उच्च-मात्रा वाले डेरिवेटिव सौदों को नियंत्रित करना है, जबकि नकद इक्विटी बाजार पर इसका असर सीमित रहेगा। यह कदम अत्यधिक सट्टेबाजी को हतोत्साहित करने और अधिक संतुलित बाजार संरचना बनाए रखने में मदद कर सकता है।
हालांकि, कुछ विश्लेषकों ने कहा कि अल्पकालिक और डेरिवेटिव-केंद्रित विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) पर इस बदलाव का मामूली रूप से नकारात्मक असर पड़ सकता है।
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के तकनीकी विश्लेषक आकाश शाह ने कहा, ‘‘उच्च-आवृत्ति और डेरिवेटिव केंद्रित वैश्विक कोषों के लिए यह कदम निवेश प्रवाह को सीमित कर सकता है।’’
हालांकि, वायदा एवं विकल्प अनुबंधों पर प्रतिभूति लेनदेन कर बढ़ाने की बजट घोषणा शेयर बाजार को पसंद नहीं आई। यह घोषणा होते ही बीएसई सेंसेक्स 2,370.36 अंक यानी 2.88 प्रतिशत टूटकर 79,899.42 अंक पर आ गया जबकि एनएसई निफ्टी 748.9 अंक यानी 2.95 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 24,571.75 अंक पर आ गया। हालांकि, बाद में बाजार इस बड़ी गिरावट से थोड़ा उबरने में सफल रहा।
जनवरी, 2026 में एफपीआई इक्विटी बाजार से 41,000 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी कर चुके हैं।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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