मेघालय में जनजातीय परिषद ने ब्लिंकिट को व्यापार लाइसेंस देने से इनकार किया

मेघालय में जनजातीय परिषद ने ब्लिंकिट को व्यापार लाइसेंस देने से इनकार किया

मेघालय में जनजातीय परिषद ने ब्लिंकिट को व्यापार लाइसेंस देने से इनकार किया
Modified Date: June 25, 2026 / 07:06 pm IST
Published Date: June 25, 2026 7:06 pm IST

शिलांग, 25 जून (भाषा) मेघालय में अपना कामकाज शुरू करने की ब्लिंकिट की कोशिश को एक बड़ी रुकावट का सामना करना पड़ा है। जनजातीय परिषद (ट्राइबल काउंसिल) ने इस त्वरित वाणिज्य कंपनी को व्यवसाय करने के लिए जरूरी व्यापार लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है। परिषद ने यह चिंता भी जताई है कि कंपनी का परिचालन मॉडल राज्य की राजधानी में 4,000 से ज्यादा स्थानीय किराना दुकानों की आजीविका पर बुरा असर डाल सकता है।

इस फ़ैसले का बचाव करते हुए, खासी हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (केएचएडीसी) के मुख्य कार्यकारी सदस्य विंस्टन टोनी लिंगदोह ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘कार्यकारी समिति किसी ऐसे मंच को व्यापार लाइसेंस जारी नहीं करेगी जिसके व्यवसाय मॉडल से स्थानीय व्यापारियों और छोटे व्यवसायों को ख़तरा हो।’’

उन्होंने कहा कि ब्लिंकिट ने कथित तौर पर नोंग्रीम हिल्स के दरबार श्नोंग और रंगबाह श्नोंग से अनापत्ति पमाणपत्र (एनओसी) तो ले लिया था, लेकिन उसका आवेदन अभी तक उनके कार्यालय में विचार के लिए नहीं पहुंचा था।

लिंगदोह ने कहा, ‘‘परिषद के अधिकार क्षेत्र में आने वाली 4,000 से ज्यादा किराना दुकानों पर ऐप-आधारित डिलिवरी मंच का असर पड़ सकता है, जो भारी छूट और घर तक डिलिवरी की सुविधा देते हैं।’’ उन्होंने कहा कि काउंसिल ने स्थानीय खुदरा विक्रेताओं की सुरक्षा के लिए पहले भी इंस्टामार्ट जैसे इसी तरह के उद्यम को लाइसेंस देने से इनकार किया है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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