बेरोजगारी दर दिसंबर में 4.8 प्रतिशत पर पहुंची, शहरी क्षेत्रों में बढ़ी

बेरोजगारी दर दिसंबर में 4.8 प्रतिशत पर पहुंची, शहरी क्षेत्रों में बढ़ी

बेरोजगारी दर दिसंबर में 4.8 प्रतिशत पर पहुंची, शहरी क्षेत्रों में बढ़ी
Modified Date: January 15, 2026 / 06:14 pm IST
Published Date: January 15, 2026 6:14 pm IST

नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) देश में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के बीच बेरोजगारी दर दिसंबर महीने में मामूली रूप से बढ़कर 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि नवंबर में यह 4.7 प्रतिशत थी। बृहस्पतिवार को सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी ‘आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण’ (पीएलएफएस) रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 3.9 प्रतिशत पर स्थिर रही जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 6.5 प्रतिशत से बढ़कर 6.7 प्रतिशत हो गई।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण पुरुषों में बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि शहरी महिलाओं में यह 9.3 प्रतिशत से घटकर 9.1 प्रतिशत पर आ गई।

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दिसंबर महीने में देश के कुल श्रमबल में हल्की बढ़त देखी गई और कुल कार्यशील जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 53.2 प्रतिशत से बढ़कर 53.4 प्रतिशत हो गया।

ग्रामीण पुरुषों का डब्ल्यूपीआर 75.4 प्रतिशत से बढ़कर 76 प्रतिशत रहा, जबकि शहरी पुरुषों में यह 70.9 प्रतिशत से 70.4 प्रतिशत पर आ गया।

ग्रामीण महिलाओं का डब्ल्यूपीआर 38.4 प्रतिशत से बढ़कर 38.6 प्रतिशत हो गया जबकि शहरी महिलाओं का कार्यशील जनसंख्या अनुपात लगभग 23 प्रतिशत पर स्थिर रहा।

आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) 55.8 प्रतिशत से बढ़कर 56.1 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 58.6 प्रतिशत से बढ़कर 59 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 50.4 प्रतिशत से घटकर 50.2 प्रतिशत रही।

महिलाओं की एलएफपीआर कुल 35.1 प्रतिशत से बढ़कर 35.3 प्रतिशत रही। इसमें ग्रामीण महिलाएं 39.7 प्रतिशत से बढ़कर 40.1 प्रतिशत पर पहुंच गईं जबकि शहरी महिलाएं 25.5 प्रतिशत से घटकर 25.3 प्रतिशत पर आ गईं।

इन आंकड़ों का आधार 3,73,990 लोगों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण से मिली सूचना है।

पीएलएफएस की नई गणना-पद्धति जनवरी, 2025 से लागू की गई है, जिससे श्रमबल संकेतकों का व्यापक और अधिक सटीक आकलन संभव हो पाया है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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