यूनो मिंडा विनिर्माण क्षमता बढ़ान के लिए 1,415 करोड़ रुपये निवेश करेगी

यूनो मिंडा विनिर्माण क्षमता बढ़ान के लिए 1,415 करोड़ रुपये निवेश करेगी

यूनो मिंडा विनिर्माण क्षमता बढ़ान के लिए 1,415 करोड़ रुपये निवेश करेगी
Modified Date: September 15, 2026 / 03:18 pm IST
Published Date: September 15, 2026 3:18 pm IST

मुंबई, 15 सितंबर (भाषा) वाहन कलपुर्जा विनिर्माता कंपनी यूनो मिंडा विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और अपने प्रमुख कारोबार क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए 1,415 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

कंपनी ने मंगलवार को कहा कि इस निवेश में तमिलनाडु के होसुर में नयी एल्युमीनियम कास्टिंग इकाई स्थापित करना और हरियाणा के खरखौदा में दोपहिया वाहनों के अलॉय व्हील कारोबार का विस्तार करना और इसका स्थानांतरण शामिल है।

यूनो मिंडा के अनुसार, होसुर में मौजूदा संयंत्र के विस्तार की व्यावहारिक सीमा पूरी हो चुकी है। ऐसे में कंपनी थल्ली रोड, होसुर में अपनी दूसरी जमीन पर एक नयी इकाई स्थापित करेगी। इस पर करीब 510 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा।

कंपनी ने कहा कि होसुर में मौजूदा परिचालन को नयी इकाई में एकीकृत कर स्थानांतरित किया जाएगा और यह काम वित्त वर्ष 2028-29 की पहली तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद होसुर में एल्युमीनियम कास्टिंग की क्षमता मौजूदा के करीब 13,000 टन से बढ़कर अधिकतम 34,000 टन हो जाएगी।

यूनो मिंडा ने बताया कि उसके निदेशक मंडल ने हरियाणा के खरखौदा में दोपहिया अलॉय व्हील के उत्पादन क्षमता 33 लाख इकाई सालाना वाला संयंत्र स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। इस पर 155 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा। परियोजना में महाराष्ट्र के सुपा में मौजूदा 20 लाख इकाई की क्षमता को खरखौदा संयंत्र में स्थानांतरित करना भी शामिल है।

इसके अलावा, कंपनी ने कहा कि उसकी अनुषंगी कंपनी यूनो मिंडा क्योराकु लिमिटेड के तहत बेंगलुरु में मोल्डिंग संयंत्र के विस्तार के लिए 80 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा।

यूनो मिंडा के समूह मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) सुनील बोहरा ने कहा, ‘‘1,415 करोड़ रुपये के संयुक्त पूंजीगत व्यय के साथ ये विस्तार परियोजनाएं उच्च वृद्धि वाले अवसरों का लाभ उठाने और उत्पाद क्षेत्रों तथा भौगोलिक क्षेत्रों में रणनीतिक रूप से विविधता लाने के लिए एक अनुशासित दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।’’

कंपनी के प्रबंध निदेशक रवि मेहरा ने कहा कि ये परियोजनाएं यूनो मिंडा की दीर्घकालिक वृद्धि की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम हैं।

भाषा यासिर अजय

अजय

अजय


लेखक के बारे में