भारत की रूसी तेल खरीद पर लगा 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क सात फरवरी से हट जाएगाः अमेरिका
भारत की रूसी तेल खरीद पर लगा 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क सात फरवरी से हट जाएगाः अमेरिका
(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क/ वाशिंगटन, सात फरवरी (भाषा) अमेरिका ने कहा है कि भारत ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रूस से कच्चे तेल का आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसके बाद भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका द्वारा लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क को सात फरवरी से हटा लिया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ की तरफ से जारी एक कार्यकारी आदेश के मुताबिक, भारत ने अगले 10 वर्षों के लिए अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग विस्तार के एक ढांचे पर भी सहमति जताई है।
इस आदेश में कहा गया है, “सात फरवरी, 2026 को पूर्वी मानक समयानुसार रात 12.01 बजे या उसके बाद खपत के लिए आयात की गई या गोदाम से निकाली गई भारत की वस्तुओं पर कार्यकारी आदेश 14329 के तहत लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत मूल्य-आधारित शुल्क (ऐड वैलोरेम) लागू नहीं रहेगा।”
अमेरिका ने अगस्त, 2025 में रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखने को लेकर भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगा दिया था। यह पहले से लगाए गए 25 प्रतिशत जवाबी शुल्क के अलावा था। इस वजह से भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में कुल शुल्क बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया था।
स्थानीय समयानुसार शुक्रवार को जारी कार्यकारी आदेश में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें कार्यकारी आदेश 14066 के तहत घोषित राष्ट्रीय आपात स्थिति से निपटने के भारतीय प्रयासों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से अतिरिक्त जानकारी और सिफारिशें मिली हैं।
ट्रंप ने कहा, “विशेष तौर पर भारत ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रूसी संघ से तेल आयात रोकने, अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद खरीदने और अगले 10 वर्षों के लिए रक्षा सहयोग बढ़ाने की रूपरेखा पर सहमति जताई है।”
हालांकि, इस आदेश में चेतावनी दी गई है कि यदि अमेरिका के वाणिज्य मंत्री यह पाते हैं कि भारत ने फिर से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रूसी तेल आयात शुरू कर दिया है, तो राष्ट्रपति की टीम यह सिफारिश करेगी कि भारत पर दोबारा अतिरिक्त 25 प्रतिशत मूल्यानुसार शुल्क लगाया जाए या कोई अन्य कदम उठाए जाएं।
ट्रंप ने कहा कि रूस की नीतियां और कार्रवाइयां अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लिए ‘असामान्य और असाधारण’ खतरा बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि ताजा समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकला है कि भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और आर्थिक मामलों में अमेरिका के साथ पर्याप्त रूप से तालमेल बिठाने के लिए ‘महत्वपूर्ण कदम’ उठाए हैं।
इस आदेश में विदेश मंत्री मार्को रुबियो को जरूरी नियम एवं विनियम लागू करने और अंतरराष्ट्रीय आपात आर्थिक शक्तियां अधिनियम (आईईईपीए) के तहत राष्ट्रपति को प्राप्त अधिकारों के उपयोग की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आदेश के क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश के मुताबिक, वाणिज्य मंत्री विदेश मंत्री, वित्त मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय कर इस बात की निगरानी करेंगे कि भारत भविष्य में रूस से तेल आयात दोबारा शुरू करता है या नहीं।
भाषा प्रेम रमण

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