उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी 25 से 29 सितंबर तक: आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी 25 से 29 सितंबर तक: आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी 25 से 29 सितंबर तक: आदित्यनाथ
Modified Date: June 27, 2026 / 07:08 pm IST
Published Date: June 27, 2026 7:08 pm IST

नोएडा, 27 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी के चौथे संस्करण का आयोजन किए जाने की शनिवार को घोषणा की।

साथ ही, उन्होंने नोएडा प्राधिकरण से अपनी सभी सेवाओं को डिजिटल बनाने और उन आवंटियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने को कहा, जो आवंटित जमीन पर विकास कार्य करने में विफल रहे हैं।

आदित्यनाथ ने नोएडा और दादरी विधानसभा क्षेत्रों में 2,479 करोड़ रुपये की लागत वाली 70 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास तथा व्यापार प्रदर्शनी के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नोएडा प्राधिकरण को अब अपनी सभी सेवाओं को ऑनलाइन करना चाहिए और एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र के जरिए कामों की निगरानी करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘अब जब नोएडा प्राधिकरण का अपना मुख्यालय है, तो मुझे उम्मीद है कि घर खरीदारों-बिल्डरों और किसानों से जुड़े मुद्दों का अधिक प्रभावी ढंग से समाधान होगा। अब समय आ गया है कि प्राधिकरण अपनी सभी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराए ताकि हर परियोजना की निगरानी एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र के जरिए की जा सके।’’

मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण को उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करके भूमि बैंक बनाने का भी निर्देश दिया, जिन्होंने जमीन तो आवंटित करवा ली थी, लेकिन तय समय के भीतर परियोजनाएं शुरू नहीं कीं।

उन्होंने कहा, ‘‘जिन लोगों ने नोएडा प्राधिकरण से जमीन ली है, लेकिन न तो निवेश किया है और न ही काम शुरू किया है, उन्हें तय समय सीमा के बाद नोटिस भेजा जाना चाहिए। इसके बाद, नए निवेशकों को आमंत्रित किया जाना चाहिए और एक भूमि बैंक बनाया जाना चाहिए।’’

आदित्यनाथ ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर देश में निवेश के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक बनकर उभरा है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के तहत बेहतर कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास को दिया।

अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) दिवस के मौके पर आदित्यनाथ ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम औद्योगिकी वृद्धि की रीढ़ हैं और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को हासिल करने के लिए बहुत जरूरी हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब 96 लाख एमएसएमई इकाइयां हैं जो राज्य की अर्थव्यवस्था और निर्यात में योगदान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री ने व्यापार प्रदर्शनी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम राज्य की विनिर्माण क्षमता को दिखाने के लिए एक वैश्विक मंच देगा।

उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदर्शक और विदेशी खरीदार हिस्सा लेंगे और पूरे उत्तर प्रदेश में बने उत्पाद दिखाए जाएंगे। कंपनियों के बीच और कंपनियों और ग्राहकों के बीच बैठकें आयोजित की जाएंगी। इससे नए निर्यात ऑर्डर को बढ़ावा मिलेगा।’’

उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में दुनिया भर से लोग शामिल हुए थे और कई अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिले थे।

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में औद्योगिक निवेश, निर्यात और आर्थिक वृद्धि के मामले में नए मानक स्थापित किए हैं।

समाजवादी पार्टी का नाम लिए बिना, गुप्ता ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने खास परिवारों और समुदायों के हितों को प्राथमिकता दी थी, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार समावेशी विकास के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश 1,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के अपने लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भाषा रमण योगेश

योगेश


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