अगस्त में वनस्पति तेल का आयात 4.71 प्रतिशत घटकर 16.09 लाख टन पर

अगस्त में वनस्पति तेल का आयात 4.71 प्रतिशत घटकर 16.09 लाख टन पर

अगस्त में वनस्पति तेल का आयात 4.71 प्रतिशत घटकर 16.09 लाख टन पर
Modified Date: September 15, 2026 / 07:39 pm IST
Published Date: September 15, 2026 7:39 pm IST

नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) उद्योग निकाय ‘सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (एसईए) ने मंगलवार को कहा कि अगस्त में भारत का वनस्पति तेल आयात 4.71 प्रतिशत घटकर 16.09 लाख टन रह गया, जो एक साल पहले 16.94 लाख टन था। इसकी वजह पाम तेल के आयात में कमी थी, जो वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी और रुपये की कमजोरी के कारण हुआ। रुपये की कमजोरी से आयात किए जाने वाले खाद्य तेल की लागत बढ़ गई थी।

एसईए ने एक बयान में कहा कि तेल वर्ष 2025-26 की नवंबर-अगस्त अवधि के दौरान, कुल वनस्पति तेल आयात चार प्रतिशत बढ़कर 138.8 लाख टन हो गया, जो एक साल पहले 133.37 लाख टन था।

दुनिया के सबसे बड़े वनस्पति तेल आयातक भारत ने अगस्त में 15.72 लाख टन खाद्य तेल और 37,150 टन अखाद्य तेल खरीदा, जबकि एक साल पहले यह क्रमशः 16.88 लाख टन और 55,821 टन था।

अगस्त में रिफाइंड खाद्य तेल का आयात बढ़कर 1.01 लाख टन हो गया, जो एक साल पहले 64,403 टन था, जबकि कच्चे तेल का आयात 16.24 लाख टन से घटकर 14.70 लाख टन रह गया।

कच्चे तेल में, पाम तेल का आयात 9.79 लाख टन से घटकर 7.60 लाख टन और सूरजमुखी तेल का आयात 2.57 लाख टन से घटकर 1.55 लाख टन रह गया, जबकि सोयाबीन तेल का आयात 3.87 लाख टन से बढ़कर 5.54 लाख टन हो गया।

एसईए ने कहा कि अगस्त में भारतीय बंदरगाहों पर औसत सीआईएफ (लागत, बीमा और माल ढुलाई) कीमतें इस प्रकार थीं-आरबीडी पामोलिन के लिए 1,215 डॉलर प्रति टन, कच्चे पाम तेल के लिए 1,259 डॉलर, कच्चे सोयाबीन तेल के लिए 1,289 डॉलर और कच्चे सूरजमुखी तेल के लिए 1,496 डॉलर। अगस्त, 2025 की तुलना में, कच्चे पाम तेल की कीमतों में नौ प्रतिशत, आरबीडी पामोलिन में 10 प्रतिशत, सोयाबीन तेल में आठ प्रतिशत और सूरजमुखी तेल में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

एसईए ने कहा कि पिछले एक साल में रुपये की कीमत में नौ प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। यह आयातकों और रिफाइनरी इकाइयों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि इससे आयातित खाद्य तेलों की आयात लागत बढ़ जाती है।

नेपाल से रिफाइंड तेलों का आयात काफी अधिक रहा। नेपाल ने नवंबर, 2025 से अगस्त, 2026 के दौरान भारत को 5.96 लाख टन रिफाइंड तेल का निर्यात किया। इसमें 5.31 लाख टन रिफाइंड सोयाबीन तेल, 33,881 टन रिफाइंड सूरजमुखी तेल, 28,728 टन आरबीडी पामोलिन और 4,428 टन रेपसीड तेल शामिल था।

एसईए ने बताया कि नेपाल मुख्य रूप से कच्चा सोयाबीन तेल आयात करता है और उसे रिफाइंड सोयाबीन तेल के रूप में भारत को फिर से निर्यात करता है। ऐसा करके उसे दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र (साफ्टा) समझौते के तहत शून्य आयात शुल्क का लाभ मिलता है।

एक सितंबर तक खाद्य तेल का कुल स्टॉक 20.43 लाख टन था, जो एक महीने पहले के 20.12 लाख टन से 31,000 टन अधिक है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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