वेणु श्रीनिवासन ने बाई हीराबाई जमशेदजी टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन से इस्तीफा दिया
वेणु श्रीनिवासन ने बाई हीराबाई जमशेदजी टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन से इस्तीफा दिया
नयी दिल्ली, चार अप्रैल (भाषा) टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी और अनुभवी उद्योगपति वेणु श्रीनिवासन ने बाई हीराबाई जमशेदजी टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
हालांकि, उन्होंने टाटा ट्रस्ट की इस छोटी ईकाई से अपने इस्तीफे के पीछे अन्य व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं का हवाला दिया, लेकिन यह घटनाक्रम टाटा ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी मेहली मिस्त्री द्वारा दी गई चुनौती के बाद सामने आया है। श्रीनिवासन और टाटा ट्रस्ट से इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी है।
मिस्त्री ने महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के पास एक शिकायत दर्ज कराकर बाई हीराबाई जमशेदजी टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन के बोर्ड में वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह की नियुक्तियों को चुनौती दी थी।
उन्होंने दावा किया कि श्रीनिवासन और सिंह ट्रस्ट डीड में निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं। मिस्त्री का मुख्य तर्क डीड में अनिवार्य उन विशिष्ट शर्तों को लेकर था, जिनमें पारसी जरथुस्त्र धर्म का पालन और मुंबई में निवास की आवश्यकताएं शामिल हैं।
पिछले साल टाटा ट्रस्ट्स अपने ट्रस्टियों के बीच आपसी कलह से हिल गया था। यह मामला सरकार तक पहुंच गया, जिसमें नोएल टाटा और टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन सहित टाटा समूह के शीर्ष नेतृत्व ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी।
इसके बाद भारत की अर्थव्यवस्था में टाटा समूह के महत्व को देखते हुए, सरकार ने ट्रस्टों को मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने और अपने मतभेदों को सार्वजनिक रूप से बाहर न आने देने के लिए कहा था।
भाषा पाण्डेय
पाण्डेय

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