वीओसी बंदरगाह ने शुद्ध कार्बन उत्सर्जन में 45 प्रतिशत की कमी की : रिपोर्ट

वीओसी बंदरगाह ने शुद्ध कार्बन उत्सर्जन में 45 प्रतिशत की कमी की : रिपोर्ट

वीओसी बंदरगाह ने शुद्ध कार्बन उत्सर्जन में 45 प्रतिशत की कमी की : रिपोर्ट
Modified Date: June 23, 2026 / 07:37 pm IST
Published Date: June 23, 2026 7:37 pm IST

नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) भारत के प्रमुख बंदरगाहों में शामिल वीओसी बंदरगाह ने स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से अपने कार्बन उत्सर्जन में शुद्ध रूप से 45 प्रतिशत की कमी दर्ज की है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

सोनोवाल ने बंदरगाह की पहली ‘सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट’ जारी करते हुए कहा, ‘‘कार्बन उत्सर्जन को 45 प्रतिशत तक कम करने की बंदरगाह की उपलब्धि भारत के हरित और समुद्री क्षेत्र से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि की दिशा में एक अहम मील का पत्थर है। ये पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस दृष्टिकोण को दर्शाती हैं, जिसमें लोगों, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण में निवेश करते हुए आधुनिक, टिकाऊ तथा भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचा बनाने पर ज़ोर दिया गया है।’’

रिपोर्ट के अनुसार, अब नवीकरणीय ऊर्जा बंदरगाह की लगभग 94 प्रतिशत ऊर्जा खपत को पूरा कर रही है। इससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है।

अध्ययन में बताया गया है कि बंदरगाह ने नवीकरणीय ऊर्जा, विद्युतीकरण और हरित हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में अग्रणी पहल की है।

पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, वीओसी पोर्ट को स्कोप-2 उत्सर्जन मुक्त बंदरगाह के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है, जो स्वच्छ ऊर्जा और कम कार्बन उत्सर्जन वाले संचालन की दिशा में इसके सफल परिवर्तन को दर्शाता है।

यह प्रमाणन बंदरगाह के कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयासों को प्रमाणित करता है और भारत के अग्रणी हरित बंदरगाहों में से एक के रूप में इसकी स्थिति को और मजबूत करता है।

बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री ने कई टिकाऊ पहल की भी शुरुआत की। इनमें वडोदरा के गति शक्ति विश्वविद्यालय और वीओसी बंदरगाह के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना और हाल ही में बने केंद्रीय विद्यालय वीओसी बंदरगाह प्राधिकरण में 2026-27 के लिए विद्या प्रवेश कार्यक्रम की भी शुरुआत भी शामिल है।

भाषा यासिर अजय

अजय


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