पश्चिम एशिया संकट: इंडक्शन चूल्हे के महत्वपूर्ण उपकरणों पर सीमा शुल्क कटौती पर विचार

पश्चिम एशिया संकट: इंडक्शन चूल्हे के महत्वपूर्ण उपकरणों पर सीमा शुल्क कटौती पर विचार

पश्चिम एशिया संकट: इंडक्शन चूल्हे के महत्वपूर्ण उपकरणों पर सीमा शुल्क कटौती पर विचार
Modified Date: April 22, 2026 / 06:17 pm IST
Published Date: April 22, 2026 6:17 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) सरकार घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और पश्चिम एशिया संकट के बीच कीमतों में वृद्धि से निपटने के लिए इंडक्शन चूल्हे के महत्वपूर्ण उपकरणों पर सीमा शुल्क में कटौती करने पर विचार कर रही है।

एक अधिकारी ने बताया कि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने इन चूल्हे को और अधिक किफायती बनाने के लिए इन पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने की सिफारिश भी की है।

पश्चिम एशिया संकट ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही को बाधित कर दिया है, जिससे रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके चलते लोग इंडक्शन यानी इलेक्ट्रिक चूल्हे और इसके अनुकूल बर्तन खरीद रहे हैं।

इंडक्शन कुकटॉप क्षेत्र में मांग-आपूर्ति की चुनौतियों से निपटने और आपूर्ति एवं कीमतों को स्थिर करने के लिए उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने वाणिज्य विभाग और बिजली मंत्रालय के साथ मिलकर हितधारकों के साथ परामर्श किया है।

सरकार ने इस क्षेत्र के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें कुछ बिजली उपकरणों पर अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) के कार्यान्वयन की समय सीमा को छह महीने बढ़ाकर अक्टूबर 2026 तक करना शामिल है। अनिवार्य ऊर्जा दक्षता समय सीमा को भी आगे बढ़ाया गया है।

डीपीआईआईटी की संयुक्त सचिव निधि केसरवानी ने कहा कि पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने मौजूदा संकट के बीच ईंधन और गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई सुधारात्मक और सुरक्षा उपाय किए हैं।

उन्होंने कहा कि कंप्रेस्ड प्राकृतिक गैस (सीएनजी) और कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) स्टेशनों के सभी लंबित आवेदनों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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