गेहूं बुवाई का रकबा पिछले साल के पार, 3.34 करोड़ हेक्टेयर पहुंची
गेहूं बुवाई का रकबा पिछले साल के पार, 3.34 करोड़ हेक्टेयर पहुंची
नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) गेहूं की बुवाई पिछले साल के स्तर को पार कर गई है और चालू रबी सत्र 2025-26 में अब तक 3.34 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंच गई है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
पूरे रबी सत्र 2024-25 में गेहूं 3.28 करोड़ हेक्टेयर में बोई गई थी।
गेहूं और दूसरी रबी फसलों की बुवाई अक्टूबर में शुरू होती है, और कटाई मार्च में शुरू होती है। गेहूं और दूसरी मुख्य रबी फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है।
कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘रबी फसलों की बुवाई अच्छी हुई है। गेहूं के बोए गए रकबे में सुधार हुआ है। दलहनों और तिलहनों का रकबा पिछले साल की तुलना में थोड़ा बेहतर है।’’
उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में बुवाई का काम अभी भी चल रहा है और 15 जनवरी तक पूरे देश में पूरा हो जाएगा।
आंकड़ों के अनुसार, रबी सत्र 2025-26 में दो जनवरी तक चावल की बुवाई थोड़ी बढ़कर 17.5 लाख हेक्टेयर हो गई, जो एक साल पहले 14.9 लाख हेक्टेयर थी। पिछले रबी सत्र में धान की बुवाई 44.7 लाख हेक्टेयर में हुई थी।
इस रबी सत्र में अब तक दलहन खेती का रकबा एक करोड़ 34 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल पूरे रबी सत्र में हुए कुल 1.34 करोड़ हेक्टेयर के रकबे से ज्यादा है।
चने की बुवाई का रकबा 95.8 लाख हेक्टेयर था, जबकि काले चने की बुवाई इससे पीछे है।
चालू रबी सत्र में अब तक मोटे अनाज का रकबा 51.7 लाख हेक्टेयर रहा है, जिसमें मक्का और ज्वार क्रमशः 23.3 लाख हेक्टेयर और 20.7 लाख हेक्टेयर में बोए गए हैं।
तिलहन का रकबा पिछले साल से ज्यादा हो गया है, जो इस रबी सत्र में अब तक 96.3 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जिसमें रेपसीड-सरसों की बुवाई 89.3 लाख हेक्टेयर में हुई है।
वर्ष 2025-26 के रबी सत्र में दो जनवरी तक सभी रबी फसलों की कुल बुवाई 6 करोड़ 34.1 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई, जो एक साल पहले 6 करोड़ 17.7 लाख हेक्टेयर थी।
भाषा राजेश राजेश रमण
रमण

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