थोक मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 1.81 प्रतिशत

थोक मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 1.81 प्रतिशत

थोक मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 1.81 प्रतिशत
Modified Date: February 16, 2026 / 12:49 pm IST
Published Date: February 16, 2026 12:49 pm IST

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) देश में थोक मुद्रास्फीति जनवरी में लगातार तीसरे महीने बढ़ते हुए 1.81 प्रतिशत पर पहुंच गई। खाद्य वस्तुओं, गैर-खाद्य चीजों और विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में मासिक आधार पर बढ़ोतरी इसकी मुख्य वजह रही। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी मिली।

थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई दर पिछले साल जनवरी में 2.51 प्रतिशत जबकि दिसंबर 2025 में 0.83 प्रतिशत रही थी।

उद्योग मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘ जनवरी 2026 में थोक महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह मूल धातुओं के विनिर्माण, अन्य विनिर्माण, गैर-खाद्य चीजों, खाद्य वस्तुओं तथा वस्त्रों आदि की कीमतों में वृद्धि रही।’’

थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर 1.55 प्रतिशत रही जबकि दिसंबर में इसमें 0.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।

सब्जियों के मामले में जनवरी में महंगाई दर 6.78 प्रतिशत रही जबकि दिसंबर में इसमें 3.50 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

विनिर्मित उत्पादों में थोक महंगाई जनवरी में बढ़कर 2.86 प्रतिशत हो गई जो दिसंबर में 1.82 प्रतिशत थी।

गैर-खाद्य उत्पादों की श्रेणी में महंगाई जनवरी में तेज उछाल के साथ 7.58 प्रतिशत पहुंच गई जबकि दिसंबर में यह 2.95 प्रतिशत थी।

ईंधन एवं बिजली क्षेत्र में महंगाई दर में गिरावट जारी रही। यह जनवरी में यह 4.01 प्रतिशत रही जो दिसंबर में 2.31 प्रतिशत थी।

सरकार की ओर से पिछले सप्ताह जारी आंकड़ों के अनुसार, देश की खुदरा महंगाई दर जनवरी में बढ़कर 2.75 प्रतिशत हो गई।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ब्याज दरों के निर्धारण के लिए खुदरा मुद्रास्फीति का आधार बनाता है। केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अभी तक नीतिगत दर रेपो में 1.25 प्रतिशत की कटौती है जो अब 5.5 प्रतिशत है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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