डब्ल्यूटीओ ने चीन के मामले में भारत के वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा उपायों पर समिति बनाई
डब्ल्यूटीओ ने चीन के मामले में भारत के वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा उपायों पर समिति बनाई
नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के विवाद निपटान निकाय ने वाहन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में भारत के कुछ कदमों के खिलाफ चीन द्वारा दायर एक मामले में समिति का गठन किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
यह समिति तब गठित की गई जब दोनों पक्ष डब्ल्यूटीओ के तत्वावधान में द्विपक्षीय परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से इस मुद्दे को सुलझाने में विफल रहे।
पिछले साल अक्टूबर में चीन ने आरोप लगाया था कि उन्नत सेल बैटरी, वाहनों के लिए भारत की ‘उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन’ (पीएलआई) योजना और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने वाली नीति की कुछ शर्तें वैश्विक व्यापार नियमों का उल्लंघन करती हैं और चीनी सामान के साथ भेदभाव करती हैं।
जिनेवा स्थित एक अधिकारी ने बताया, ‘‘चीन के दूसरे अनुरोध पर, डब्ल्यूटीओ की बैठक में भारत के इन उपायों की जांच के लिए एक समिति बनाने पर सहमति बनी है।’’
डब्ल्यूटीओ को दी गई जानकारी में चीन ने कहा कि नवंबर, 2025 और जनवरी, 2026 में इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
नियमों के मुताबिक, किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए आपसी बातचीत पहला कदम होता है। यदि इससे कोई हल नहीं निकलता, तो शिकायतकर्ता देश डब्ल्यूटीओ से जांच समिति गठित करने की मांग कर सकता है।
भारत और चीन दोनों इस वैश्विक संस्था के सदस्य हैं। यदि किसी सदस्य देश को लगता है कि दूसरे देश की नीति उसके निर्यात को नुकसान पहुंचा रही है, तो वह डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करा सकता है।
भाषा योगेश अजय
अजय

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