food posining / image source: the hans india
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के तातापानी महोत्सव में समोसा खाने से सात लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए हैं। Ambikapur Food Poisoning News की घटना महोत्सव के दौरान उस समय हुई जब कुछ लोग तातापानी महोत्सव देखने के लिए पहुंचे थे और उन्होंने वहां उपलब्ध समोसा खाया। समोसा खाने के बाद उन लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
Ambikapur Food Poisoning News मामले को लेकर जानकारी के अनुसार, यह सभी लोग उदयपुर के नवापारा इलाके के रहने वाले थे। तातापानी महोत्सव में पहुंचने के बाद इन लोगों ने वहां के एक स्टॉल से समोसा खरीदा और खाने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। कुछ देर बाद, इन सभी को उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द की शिकायत होने लगी। इसके बाद घबराए हुए इन लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में इमरजेंसी इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ है, लेकिन इन सभी को अब डॉक्टरों की निगरानी में रखा जा रहा है।
Ambikapur Food Poisoning News की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। विभाग ने मौके पर जाकर यह पता करने की कोशिश की कि आखिर वह समोसा किस सामग्री से बना था और उसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी तो नहीं थी। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि अन्य लोगों को कोई नुकसान तो नहीं हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने भी महोत्सव में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर ध्यान देने की बात कही है ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न घटे।
चूंकि तातापानी महोत्सव एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां हर साल बड़ी संख्या में लोग आते हैं, इस घटना के बाद अन्य लोग भी इस घटना से चिंतित हैं। Ambikapur Food Poisoning News की खबर सामने आते ही, कई लोगों ने प्रशासन से यह अनुरोध किया है कि महोत्सव के दौरान खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता की कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि भविष्य में कोई अनहोनी न हो।
फूड पॉइजनिंग तब होती है जब कोई व्यक्ति खराब या दूषित खाद्य पदार्थ खाता है, जिसमें बैक्टीरिया या विषाणु होते हैं। इसके लक्षणों में उल्टी, दस्त, पेट में दर्द और बुखार शामिल होते हैं। इस स्थिति में तुरंत चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है। मरीजों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने और तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता हो सकती है।