PM Awas Yojana: ‘पीएम आवास आपका…लेकिन पैसे तो मेरे खाते में ही आएंगे’ पक्का मकान के नाम पर सरपंच कर रहे ग्रामीणों के साथ खेला

PM Awas Yojana: सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को पक्का मकान देकर उन्हें सुदृढ़ बनाना चाहती है लेकिन छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में हितग्राहियों के आवास तो स्वीकृत हो रहे हैं लेकिन बन नहीं रहे।

  • Reported By: Arun Soni

    ,
  •  
  • Publish Date - January 12, 2026 / 03:25 PM IST,
    Updated On - January 12, 2026 / 03:27 PM IST

pm awas yojana/ image source:

HIGHLIGHTS
  • रतलाम में देह व्यापार का खुलासा
  • पति-पत्नी और युवती गिरफ्तार
  • युवती पश्चिम बंगाल की रहने वाली

बलरामपुर: सरकार PM Awas Yojana के तहत लोगों को पक्का मकान देकर उन्हें सुदृढ़ बनाना चाहती है लेकिन छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में हितग्राहियों के आवास तो स्वीकृत हो रहे हैं लेकिन बन नहीं रहे। मामला ग्राम पंचायत नरसिंहपुर का है जहां साल भर पहले एक ग्राही का आवास स्वीकृत हुआ लेकिन सरपंच ने पैसे अपने खाते में डलवा लिया है। अब ग्रामीण अधिकारियों से शिकायत कर न्याय की मांग कर रहा है।

PM Awas Yojana Gadbadi: बलरामपुर जिले में देखने को मिली जमीनी हकीकत

PM Awas Yojana एक ऐसी योजना है जिसे हर जनप्रतिनिधि और अधिकारी सबसे महत्वपूर्ण योजना मानकर ग्रामीण तक पहुंचाने की कोशिश में लगा हुआ है। नेता और मंत्री बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर यह बताने की कोशिश करते हैं कि हमने इतना आवास स्वीकृत कराया लेकिन वह कितना बन पाता है और उसकी धरातल की क्या सच्चाई है इसकी बानगी की बलरामपुर जिले में देखने को मिल रही।

Balrampur News: भारी संख्या में एसडीएम के पास पहुंचे ग्रामीण

भारी संख्या में एसडीएम के पास पहुंचे यह ग्राम पंचायत नरसिंहपुर के ग्रामीण इनका आरोप की गांव में सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधि PM Awas Yojanaके हितग्राहियों का पैसा अपने अंगूठा लगवा कर निकलवा लेते हैं और आवास बनता ही नहीं है।

Pradhanmantri Awas Yojana: सीईओ ने कही जांच की बात

कई लोग पक्के मकान की आस में अभी भी या तो किराए में रह रहे हैं या फिर कच्चे मकान आवास स्वीकृत तो है लेकिन पैसा सरपंच के पास है। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार सरपंच के चक्कर काटने के बाद साल भर से उनके आवास शुरू तक नहीं हो पाया है। PM Awas Yojana मामले में जनपद पंचायत के सीईओ पल्ला झाड़ने हुए दिखाई दे रहे हैं और जांच की बात कर रहे हैं।

इन्हें भी पढ़ें :-