lohri 2026 date and shubh muhurt: 13 या 14 जनवरी किस दिन मनाई जाएगी लोहड़ी, शुभ मुहूर्त और सही डेट जानें यहां

lohri 2026 date and shubh muhurat: इस बार लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी को मनाया जाएगा। पारंपरिक रूप से यह त्योहार सौर कैलेंडर से जुड़ा है।

lohri 2026 date and shubh muhurt: 13 या 14 जनवरी किस दिन मनाई जाएगी लोहड़ी, शुभ मुहूर्त और सही डेट जानें यहां

lohri 2026 date and shubh muhurt/Image Credit: Meta AI

Modified Date: January 12, 2026 / 02:36 pm IST
Published Date: January 12, 2026 2:32 pm IST
HIGHLIGHTS
  • इस बार लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी को मनाया जाएगा।
  • पारंपरिक रूप से यह त्योहार सौर कैलेंडर से जुड़ा है।
  • इस बार लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी को मनाया जाएगा।

lohri 2026 date and shubh muhurt: नई दिल्ली: पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में ‘लोहड़ी’ पर्व को बेहद ही धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं अब सभी जगहों पर लोहड़ी मनाने की तैयारियां शुरू हो गई है। शीतकालीन संक्रांति के अंत और लंबे दिनों की शुरुआत का प्रतीक यह पर्व समुदायों के एक साथ आने, अलाव जलाने और भरपूर फसल के लिए प्रार्थना करने का एक सुखद अवसर है। इस बार लोग थोड़े असमंजस में हैं कि, लोहड़ी कब मनाई जाएगी (lohri 2026 date)। ऐसे में हम आपकी इस परेशानी को दूर करेंगे।

लोहड़ी की तिथि और शुभ मुहूर्त (lohri 2026 date and shubh muhurt)

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, इस बार लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी को मनाया जाएगा। पारंपरिक रूप से यह त्योहार सौर कैलेंडर से जुड़ा है और मकर संक्रांति से एक दिन पहले आता है। वहीं इस दिन अनुष्ठानों के लिए शुब्भ मुहूर्त का अपना अलग महत्व होता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, लोहड़ी संक्रांति का मुहूर्त 14 जनवरी, 2026 को दोपहर 03:13 बजे के आसपास है, (lohri 2026 shubh muhurt) लेकिन उत्सव और अलाव जलाने के लिए 13 जनवरी की शाम का समय ही आदर्श माना गया है।

लोहड़ी का इतिहास (History of Lohri)

लोहड़ी का इतिहास कृषि चक्रों और प्राचीन परंपराओं से जुड़ा हुआ है। ऐसा माना जाता है कि, लोहड़ी की शुरुआत रबी फसलों के पकने के उपलक्ष्य में एक शीतकालीन फसल उत्सव के रूप में हुई थी। ‘लोहड़ी’ शब्द के कई अर्थ निकाले जाते हैं, जिसमें ‘लोह’ (आग की गर्मी) या ‘तिलोहड़ी’ (तिल और रोहड़ी यानी गुड़ का मेल) शामिल हैं। यह पर्व किसानों के लिए प्रकृति की प्रचुरता के प्रति आभार व्यक्त करने और भविष्य की समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगने का प्रतीक है।

 ⁠

इन्हे भी पढ़ें:-


लेखक के बारे में

I am a content writer at IBC24 and I have learned a lot here so far and I am learning many more things too. More than 3 years have passed since I started working here. My experience here has been very good.