Bilaspur News: पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने मंजूर की जमानत
Bilaspur News: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। चैतन्य बघेल बीते जुलाई 2025 से जेल में बंद हैं।
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- चैतन्य बघेल बीते जुलाई 2025 से जेल में है बंद
- चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत दी
- पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल
Bilaspur News: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। शराब घोटाल मामले में चैतन्य बघेल बीते जुलाई 2025 से जेल में बंद हैं। यह खबर न सिर्फ चैतन्य बघेल के लिए राहत भरी है बल्कि इससे पूर्व सीएम भूपेश बघेल को भी राहत मिलेगी।
बहुचर्चित शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद चैतन्य बघेल को हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने चैतन्य की जमानत याचिका को मंजूर कर लिया है। चैतन्य 168 दिन बाद जल्द ही जेल से रिहा होंगे। चैतन्य को मिली राहत बघेल परिवार के लिए नए साल की मिली सौगात माना जा सकता है।
बता दें, कि छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले के मामले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद ED ने चैतन्य को ठीक उनके जन्मदिन पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इधर ACB/EOW ने भी चैतन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अपनी गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए एक याचिका ED के खिलाफ दर्ज कराई। वहीं दूसरी अलग याचिका ACB/EOW कि कार्रवाई के खिलाफ अपनी जमानत के लिए लगाई।
दोनों ही याचिकाओं पर हाईकोर्ट जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में लंबे वक्त से सुनवाई चल रही थी। Ed की तरफ से देश के जाने माने अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने पैरवी की। वहीं चैतन्य की ओर से भी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ने पैरवी की। दोनों ही पक्षों की दलील को सुनने के बाद हाइकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। आज सुरक्षित रखे गए फैसले के आदेश को कोर्ट ने सुनाया। जिसमें चैतन्य बघेल को एक बड़ी राहत मिली। अब चैतन्य जल्द ही जेल से बाहर होंगे।
पिछले हप्ते ही दाखिल की गई थी आठवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट
Bilaspur News: बता दें कि एक हप्ते पहले ही छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में राज्य पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने अब तक का सबसे बड़ा खुलासा किया था। कोर्ट में दाखिल की गई आठवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट में दावा किया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को इस घोटाले के हिस्से के रूप में 200 से 250 करोड़ रुपये मिले थे।
करीब 3,800 पेज के इस भारी-भरकम दस्तावेज में चैतन्य बघेल को मुख्य आरोपी के रूप में नामित किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, 2018 से 2023 के बीच चली कांग्रेस सरकार के दौरान आबकारी विभाग में एक अवैध ‘सिंडिकेट’ (वसूली रैकेट) काम कर रहा था। शुरुआत में यह घोटाला ₹3,000 करोड़ का माना जा रहा था, लेकिन ताज़ा जांच के संकेत बताते हैं कि अपराध की यह कमाई ₹3,500 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकती है।
सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं: सुशील आनंद शुक्ला
चैतन्य बघेल को जमानत पर कांग्रेस का बयान भी सामने आया है। कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, कि बिलासपुर उच्च न्यायालय से चैतन्य बघेल को जमानत मिली है। यह बड़ी राहत है, हम पहले ही कहते थे सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।

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