CG Dhan Kharidi Token Last Date: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी टोकन की तारीख बढ़ेगी? किसनों ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन, सरकार से की ये बड़ी मांग

CG Dhan Kharidi Token Last Date: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी टोकन की तारीख बढ़ेगी? किसनों ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन, सरकार से की ये बड़ी मांग

CG Dhan Kharidi Token Last Date: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी टोकन की तारीख बढ़ेगी? किसनों ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन, सरकार से की ये बड़ी मांग

CG Dhan Kharidi Token Last Date/Image Source: IBC24 File

Modified Date: January 15, 2026 / 10:25 pm IST
Published Date: January 15, 2026 10:25 pm IST

बस्तर: CG Dhan Kharidi Token Last Date:  छत्तीसगढ़ में नवंबर महीने से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जारी है, लेकिन बस्तर संभाग में हालात इसके बिल्कुल उलट नजर आ रहे हैं। यहां कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान धान बेचने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वजह यह है कि बड़ी संख्या में किसानों के टोकन नहीं कट पा रहे हैं, जिससे वे उपार्जन केंद्रों में धान नहीं बेच पा रहे।

धान बेचने को तरस रहे बस्तर के किसान! (CG Dhan Kharidi Last Date)

CG Dhan Kharidi Token Last Date: समस्या से परेशान किसानों ने आज टोकन कटाने की तिथि बढ़ाने, खरीदी की लिमिट बढ़ाने और सत्यापन के लिए ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोलने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों की इन मांगों को कांग्रेस पार्टी का भी समर्थन मिला है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर किसानों से ठगी करने का आरोप लगाया है। प्रभावित किसान लखेश्वर कश्यप ने बताया कि जब किसान टोकन कटवाने जाता है, तो सिस्टम में खाते में “खाली स्थान” नहीं दिखता, जिसके कारण टोकन नहीं कटता। उन्होंने मांग की कि टोकन काटने की अंतिम तिथि 14-15 फरवरी तक बढ़ाई जाए, ताकि कर्ज लिए किसान अपना धान बेचकर ऋण चुका सकें। उनका कहना है कि खरीदी केंद्रों में जाने पर रकबे का सत्यापन नहीं दिख रहा, जबकि सरकार ने सत्यापन की वेबसाइट भी बंद कर दी है। ऐसे में सरकार की कथनी और करनी में फर्क साफ नजर आ रहा है।

टोकन नहीं, सत्यापन बंद, कर्ज में डूबा अन्नदाता (CG Dhan Kharidi News)

CG Dhan Kharidi Token Last Date: प्रभावित किसान सुभाष बघेल ने कहा कि सरकार दावा करती है कि किसानों का दाना-दाना खरीदा जाएगा, लेकिन न तो टोकन कट रहा है, न एग्रिस्टेक में नाम दिख रहा है और न ही सत्यापन हो पा रहा है। उन्होंने मांग की कि पोर्टल खोलकर दोबारा सत्यापन कराया जाए, क्योंकि किसान दर-दर भटक रहे हैं। किसान जगनाथ कश्यप ने बताया कि एग्रिस्टेक सत्यापन नहीं दिखने के कारण उन्हें तहसील कार्यालय के चार चक्कर लगाने पड़े, साथ ही एसडीएम कार्यालय भी जाना पड़ा। अधिकारियों ने समाधान का आश्वासन तो दिया, लेकिन खरीदी केंद्रों में अब भी टोकन में एग्रिस्टेक शो नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि खेती के लिए 20 हजार रुपए का ऋण लिया था, जिसे धान बेचकर चुकाना था, लेकिन अब धान नहीं बिक पा रहा। ऐसी स्थिति में उन्होंने ऋण माफी की मांग भी उठाई।

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सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा किसान (cg dhan kharidi token)

CG Dhan Kharidi Token Last Date:  किसान मोहन बघेल ने कहा कि उन्होंने करीब 3 लाख रुपए का ऋण लिया है, लेकिन अब तक सिर्फ 50 क्विंटल धान ही बेच पाए हैं। कई ऐसे किसान हैं, जिन्होंने एक दाना भी धान नहीं बेचा। इसी वजह से किसान लिमिट बढ़ाने, टोकन की तिथि आगे बढ़ाने और सत्यापन वेबसाइट खोलने की मांग कर रहे हैं। वहीं, इस पूरे मामले पर पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की नियत धान खरीदी को लेकर साफ नहीं है। किसानों को समय पर खाद नहीं मिला, खरीदी केंद्रों में लिमिट कम कर दी गई और 31 जनवरी तक टोकन बांट दिए गए। इसके चलते कई किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि किसानों का धान न खरीदकर सरकार उन्हें आत्महत्या की ओर धकेल रही है और भाजपा ने किसानों से झूठ बोलकर सत्ता हासिल की है।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।