Singrauli Tribal Girl Viral Video: दोनों पैर से दिव्यांग, फिर भी सिर पर 12 किलो लकड़ी का बोझ… 11 साल की बच्ची दिलकुमारी की तस्वीर देख आप भी सहम जाएंगे

Singrauli Tribal Girl Viral Video: दोनों पैर से दिव्यांग, फिर भी सिर पर 12 किलो लकड़ी का बोझ… 11 साल की बच्ची दिलकुमारी की तस्वीर देख आप भी सहम जाएंगे

Singrauli Tribal Girl Viral Video: दोनों पैर से दिव्यांग, फिर भी सिर पर 12 किलो लकड़ी का बोझ… 11 साल की बच्ची दिलकुमारी की तस्वीर देख आप भी सहम जाएंगे

Singrauli Tribal Girl Viral Video/Image Source: IBC24

Modified Date: January 15, 2026 / 08:55 pm IST
Published Date: January 15, 2026 8:52 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सिंगरौली की मासूम की दर्दनाक तस्वीर
  • दिल कुमारी की कहानी
  • जमीन पर दिव्यांग बच्ची की बेबसी

सिंगरौली: Singrauli Tribal Girl Viral Video: सरकारी योजनाओं और आदिवासी कल्याण को लेकर किए जाने वाले बड़े-बड़े दावों की जमीनी हकीकत सिंगरौली जिले से सामने आई है। वीडियो में नजर आ रही 11 वर्षीय मासूम का नाम दिल कुमारी बैगा है, जो जन्म से ही दिव्यांग है। आदिवासी कल्याण को लेकर मंचों से भले ही लाखों दावे किए जा रहे हों, लेकिन सिंगरौली आते-आते इन योजनाओं की हवा निकलती दिख रही है।

आदिवासी कल्याण के दावों की पोल खोलता वीडियो (Singrauli disabled tribal girl)

Singrauli Tribal Girl Viral Video: पूरा मामला सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत बरहपान का है, जहां मुडवनिया टोला में रहने वाली 11 वर्षीय दिल कुमारी बैगा आज भी सरकारी योजनाओं से कोसों दूर है। दिल कुमारी जन्म से ही दोनों पैरों से दिव्यांग है और फिलहाल अपने ननिहाल में रहती है। परिजनों का आरोप है कि वे कई बार सरपंच और सचिव के पास गए, लेकिन इसके बावजूद बच्ची को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों पैरों से दिव्यांग दिल कुमारी बिना पर्याप्त कपड़ों के सिर पर करीब 12 किलो लकड़ी का गट्ठर उठाकर सड़क से गुजर रही है।

सिंगरौली की मासूम की दर्दनाक तस्वीर (MP tribal welfare failure)

Singrauli Tribal Girl Viral Video: यह वीडियो गांव के ही एक शिक्षक द्वारा बनाया गया है। वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने आदिवासी बच्चों को जरूरत के अनुसार सामग्री उपलब्ध कराने की बात कही है। जब IBC24 की टीम मासूम दिल कुमारी बैगा के घर पहुंची, तो हालात बेहद चिंताजनक नजर आए। परिवार के पास न तो पक्का मकान है और न ही खाना बनाने के लिए उज्ज्वला गैस कनेक्शन। अगर कुछ है, तो सिर्फ गरीबी। दिल कुमारी ने बताया कि वह बचपन से ही चल नहीं पाती। वह कक्षा तीसरी की छात्रा है और स्कूल जाती है, लेकिन जमीन पर घसीटकर।

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क्या यही है आदिवासी विकास? (Disabled girl viral video MP)

Singrauli Tribal Girl Viral Video: मासूम की सबसे बड़ी उम्मीद है कि अगर जिला प्रशासन की ओर से उसे एक ट्राइसाइकिल मिल जाए, तो उसे स्कूल और आसपास आने-जाने में काफी सहूलियत होगी। बड़ी मासूमियत और उत्साह के साथ दिल कुमारी ने IBC24 से बातचीत में कहा कि वह बड़ी होकर शिक्षिका (टीचर) बनना चाहती है। यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि जो बच्ची अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही, उसके सपने कितने बड़े हैं। वहीं दूसरी ओर, जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते वह उन योजनाओं से वंचित है, जिनका लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचना चाहिए। मामले पर कलेक्टर गौरव बैनल ने फोन पर बातचीत में कहा कि जल्द ही एक टीम भेजकर बच्ची से मुलाकात की जाएगी और उसे हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।