छत्तीसगढ़ : धान खरीद में अनियमितता के आरोप में 31 कर्मचारी निलंबित, 14 राइस मिल सील
छत्तीसगढ़ : धान खरीद में अनियमितता के आरोप में 31 कर्मचारी निलंबित, 14 राइस मिल सील
रायपुर, 15 जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)पर की जा रही धान खरीद के दौरान कथित तौर पर अनियमितता बरतने के आरोप में 31 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में इस मामले में एक कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया है तथा तीन अन्य को ड्यूटी से हटा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि एक अन्य कार्रवाई में मुंगेली जिले में कस्टम मिलिंग में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर जिला प्रशासन ने जिले की 14 राइस मिल सील कर दी हैं और वहां मौजूद 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त कर लिया है।
राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत 15 नवंबर को एमएसपी पर धार की खरीद शुरू की गई जो 31 जनवरी तक जारी रहेगी।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 12 जिलों दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, जगदलपुर, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद तथा बलौदाबाजार-भाटापारा में अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि बेमेतरा जिले में मऊ गांव के सहायक समिति प्रबंधक उमेश कुमार साहू को फर्जी धान खरीदी के मामले में निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं कबीरधाम जिले में धान उपार्जन केंद्र कुकदूर के समिति प्रबंधक अनिल बाजपेयी के खिलाफ भौतिक सत्यापन में कमी पाए जाने के कारण निलंबन के साथ-साथ मामला दर्ज करने की कार्रवाई की गई है।
अधिकरियों ने बताया कि बिलासपुर जिले में धान खरीद केंद्र एरमसाही के प्रभारी कामीराम खुंटे के विरूद्ध 920 बोरों की कमी पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि रायपुर जिले में नरदहरा के लिपिक-ऑपरेटर राकेश जांगड़े के खिलाफ किसानों से अवैध वसूली के मामले में सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने धान खरीद में गड़बड़ी को लेकर ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ नीति अपनाई है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों ने बताया कि मुंगेली जिला प्रशासन, पुलिस, राजस्व तथा खाद्य विभाग के संयुक्त दल ने विभिन्न राइस मिल का औचक निरीक्षण किया था और दौरान न ‘ओवरलोडिंग सहित कई तरह की अनियमितताएं समाने आईं।
जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश एवं मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुल 19 राइस मिल पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से 14 राइस मिल को सील किया जा चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समितियों से राइस मिल की ओर से धान उठाव की प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिसकी निगरानी के लिए एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से धान ढुलाई के लिए इस्तेमाल वाहनों की जीपीएस के जरिये निगरानी किया जा रहा है। वाहन के निर्धारित मार्ग से विचलन, लंबे समय तक एक स्थान पर ठहराव या निर्धारित क्षमता से अधिक धान ढुलाई की स्थिति में अलर्ट जारी किया जाता है, जिसकी जिला स्तर पर जांच की जाती है।
उन्होंने बताया कि धान के अवैध भंडारण और परिवहन को रोकने जिले की सीमाओं तथा जांच चौकियों पर चौकसी बढ़ाई गई है। आंतरिक जांच चौकियों पर भी टीम की तैनाती कर रात्रिकालीन गश्त तथा संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
मुंगेली जिले के कलेक्टर कुंदन कुमार ने बताया कि धान खरीदी में पारदर्शिता जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा या बिचौलियों की भूमिका पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भाषा संजीव मनीषा धीरज
धीरज

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