छत्तीसगढ़: खाद की आपूर्ति की निगरानी के लिए समिति; अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण की मंजूरी

छत्तीसगढ़: खाद की आपूर्ति की निगरानी के लिए समिति; अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण की मंजूरी

छत्तीसगढ़: खाद की आपूर्ति की निगरानी के लिए समिति; अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण की मंजूरी
Modified Date: July 22, 2026 / 05:29 pm IST
Published Date: July 22, 2026 5:29 pm IST

रायपुर, 22 जुलाई (भाषा) छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल ने किसानों को समय पर और आसानी से उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा राज्य में उर्वरकों की आपूर्ति, वितरण एवं प्रबंधन में सुधार के उपाय सुझाने के लिए बुधवार को मंत्रिमंडल की एक उपसमिति के गठन को मंजूरी दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि यह फैसला नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

इस उपसमिति की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे, जिनके पास लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास और खेल एवं युवा कल्याण विभाग भी हैं।

कृषि विकास और किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, सहकारिता मंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी उपसमिति के सदस्य होंगे।

कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक के रूप में कार्य करेंगे।

उन्होंने कहा कि यह समिति खरीफ और रबी फसलों के मौसम के दौरान किसानों को समय पर और आसानी से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी तथा खाद की आपूर्ति, वितरण और प्रबंधन से जुड़े मामलों पर सुझाव, सिफारिशें और मार्गदर्शन देगी।

उन्होंने कहा कि उपसमिति को जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों के अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों को बुलाने का अधिकार होगा। यह समिति राज्य सरकार को उर्वरक की उपलब्धता, आपूर्ति और वितरण से जुड़े मुद्दों पर सुझाव और मार्गदर्शन देगी।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने ‘छत्तीसगढ़ अग्निवीर सैनिक (राज्य लोक सेवाओं में श्रेणी तीन के पदों की रिक्तियों में आरक्षण) नियम, 2026’ बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके तहत श्रेणी तीन के पदों -विशेष तौर पर पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वन रक्षक और जेल विभाग में वार्डर- की सीधी भर्ती में अग्निवीर सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

यह फैसला 26 जुलाई, 2024 को राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री साय द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप है।

भाषा सुरभि सुरेश

सुरेश


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