CM Bhupesh money will be transferred to the beneficiaries of Godhan Nyay Yojana on 5th September

खुशखबरी : CM भूपेश बघेल इसी महीने इस योजना के हितग्राहियों को ट्रांसफर करेंगे 5 करोड़ 9 लाख रुपए, वर्चुअल हाेगा कार्यक्रम

Godhan Nyay Yojana : खुशखबरी : CM भूपेश बघेल इसी महीने इस योजना के हितग्राहियों को ट्रांसफर करेंगे 5 करोड़ 9 लाख रुपए, वर्चुअल हाेगा कार्यक्रम

Edited By: , November 29, 2022 / 08:44 PM IST

रायपुर। Godhan Nyay Yojana : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 5 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 5 करोड़ 9 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी करेंगे, जिसमें 15 अगस्त से 31 अगस्त तक राज्य के गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए 1.34 लाख क्विंटल गोबर के एवज में 2.69 करोड़ रूपए भुगतान, गौठान समितियों को 1.48 करोड़ और महिला समूहों को 93 लाख रूपए की लाभांश राशि शामिल हैं। गोधन न्याय योजना के तहत राज्य में अब तक हितग्राहियों को 335 करोड़ 24 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें 18 करोड़ रूपए की बोनस राशि भी शामिल है। 5 सितंबर को 5.09 करोड़ के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 340 करोड़ 35 लाख रूपए हो जाएगा।

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गोधन न्याय योजना देश-दुनिया की इकलौती ऐसी योजना है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य के गौठानों में 2 रूपए किलो की दर से गोबर तथा 4 रूपए लीटर की दर से गौमूत्र की खरीदी की जा रही है। गौठानों में 15 अगस्त तक खरीदे गए 79.12 लाख क्विंटल गोबर के एवज में ग्रामीणों को 158.24 करोड़ रूपए का भुगतान भी किया जा चुका है। 5 सितंबर को गोबर विक्रेताओं को 2.69 करोड़ रूपए का भुगतान होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 160.94 करोड़ रूपए हो जाएगा। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक 154.02 करोड़ रूपए राशि की भुगतान किया जा चुका है। गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को 5 सितंबर को 2.40 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 156.42 करोड़ रूपए हो जाएगा।

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Godhan Nyay Yojana :  उल्लेखनीय है कि गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की शुरूआत भी रायपुर के हीरापुर-जरवाय गौठान में हो चुकी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप गौठानों को रूरल इण्डस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तेजी से कृषि एवं वनोपज आधारित प्रसंस्करण इकाईयां, गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण के लिए यूनिटें स्थापित की जा रही हैं। 227 गौठानों में तेल मिल तथा 292 गौठानों में दाल मिल सहित मिनी राईस मिल एवं अन्य प्रकार यूनिटे स्थापित किए जाने का काम तेजी से जारी है।

राज्य में गोधन के संरक्षण और सर्वधन के लिए गांवों में गौठानों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। गौठानों में पशुधन देख-रेख, उपचार एवं चारे-पानी का निःशुल्क बेहतर प्रबंध है। राज्य में अब तक 10,624 गांवों में गौठानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 8408 गौठान निर्मित एवं 1758 गौठान निर्माणाधीन है। स्वावलंबी गौठानों ने अब तक स्वयं की राशि से 18.24 करोड़ रूपए का गोबर क्रय किया है। गोधन न्याय योजना से 2 लाख 52 हजार से अधिक ग्रामीण, पशुपालक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। गोबर बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने वालों में 45.90 प्रतिशत संख्या महिलाओं की है। इस योजना से एक लाख 48 हजार से अधिक भूमिहीन परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

फिलहाल राज्य के 72 गौठानों में स्व-सहायता समूहों द्वारा गौमूत्र की खरीदी पुशपालकों से की जा रही है। अब तक 21,492 लीटर गौमूत्र की खरीदी की जा चुकी है, जिससे महिला समूहों ने 5160 लीटर ब्रम्हास्त्र कीटनाशक एवं 6582 लीटर जीवामृत तैयार किया है। किसान इसे खेती में उपयोग के लिए क्रय कर रहे हैं। महिला समूहों द्वारा अब तक लगभग ढाई लाख रूपए के गौमूत्र की कीटनाशक ब्रम्हास्त्र व जीवामृत की बिक्री की जा चुकी है।

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