‘बाबा नहीं चाहते तो पेड़ क्या एक डंगाल भी नहीं कटेगी’, हसदेव अरण्य की कटाई को लेकर सीएम भूपेश का बड़ा बयान

'बाबा नहीं चाहते तो पेड़ क्या एक डंगाल भी नहीं कटेगी'ः CM Bhupesh's big statement regarding the harvesting of Hasdev Aranya

‘बाबा नहीं चाहते तो पेड़ क्या एक डंगाल भी नहीं कटेगी’, हसदेव अरण्य की कटाई को लेकर सीएम भूपेश का बड़ा बयान
Modified Date: November 29, 2022 / 08:44 pm IST
Published Date: June 7, 2022 9:13 pm IST

रायपुर :  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को कहा कि अगर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव नहीं चाहते कि सरगुजा जिले के हसदेव अरंड वन क्षेत्र में कोयला खनन परियोजनाओं के लिए पेड़ काटे जाएं तो एक भी शाखा नहीं काटी जाएगी। सिंहदेव ने कोयला खनन का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों के समर्थन में सोमवार को हसदेव अरंड इलाके का दौरा किया था, और कहा था कि यदि आंदोलनकारियों पर गोली या लाठी चलाई जाएगी तो सबसे पहले लाठी या गोली वह झेलेंगे। मंत्री ने यह भी कहा था कि वह दिल्ली जाएंगे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रदर्शनकारियों के ‘दर्द और मांगों’ से अवगत कराएंगे।

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सिंहदेव ने अपने निर्वाचन क्षेत्र अंबिकापुर में उन गांवों का दौरा किया था जो परसा खदान और परसा पूर्व कांते बासन (पीईकेबी) के दूसरे चरण के कोयला खनन परियोजनाओं से प्रभावित होंगे। जिसके लिए राज्य सरकार ने हाल ही में अंतिम मंजूरी दी थी। दोनों खदानें कांग्रेस शासित राजस्थान के राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) को आवंटित की गई है।

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नवा रायपुर के एक रिसॉर्ट में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, ”बाबा साहब (मंत्री सिंहदेव) का बयान आया है कि पहली गोली लगेगी तो मुझे लगेगी। गोली चलने की नौबत नहीं आएगी। बाबा साहब उस क्षेत्र के विधायक हैं, नहीं चाहते, तो पेड़ क्या एक डंगाल नहीं कटेगा। मै फिर से दोहरा रहा हूं कि क्षेत्रीय विधायक टीएस सिंहदेव जो हमारे वरिष्ठ मंत्री हैं जब तक उनकी सहमति नहीं बनेगी पेड़ क्या डंगाल भी नहीं कटेगा।”

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खदानों को अनुमति देने के लिए भाजपा द्वारा राज्य सरकार की आलोचना करने के सवाल पर बघेल ने कहा, ”अगर विपक्षी दल खनन नहीं चाहता है तो उन्हें केंद्र से खदानों का आवंटन रद्द करने की मांग करनी चाहिए। खानों का आवंटन केंद्र द्वारा किया गया था जो वन और पर्यावरण मंजूरी भी देता है। जो लोग विरोध कर रहे हैं वे केंद्र से (मंजूरी रद्द करने के लिए) इसकी मांग क्यों नहीं करते हैं।” बघेल हरियाणा के कांग्रेस पार्टी विधायकों से मिलने के लिए रिजॉर्ट पहुंचे थे। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि हरियाणा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के बीच अपने विधायकों को पार्टी शासित छत्तीसगढ़ भेजा है। हालांकि मुख्यमंत्री और पार्टी के अन्य नेताओं ने कहा है कि विधायक यहां प्रशिक्षण सत्र के लिए पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री बघेल और छत्तीसगढ़ के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला को हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वहीं हरियाणा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी मंगलवार को रायपुर पहुंचे।

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बघेल ने कहा, ”मुझे एक पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। मैं यहां (हरियाणा से) पार्टी विधायकों से मिलूंगा, हुड्डा जी भी आ चुके हैं। संख्या के अनुसार (हरियाणा विधानसभा में) राज्यसभा की एक-एक सीट भाजपा और कांग्रेस को जाएगी। गड़बड़ी पैदा करने के लिए जानबूझकर तीसरा उम्मीदवार उतारा गया है। लेकिन मुझे विश्वास है कि हमारे उम्मीदवार अजय माकन जीतेंगे।”यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा हरियाणा में खरीद-फरोख्त की कोशिश कर रही है, उन्होंने कहा, ”वे इसमें लिप्त हैं।”

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हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 40 और कांग्रेस के 31 विधायक हैं। वहीं भाजपा की सहयोगी जजपा के 10 विधायक हैं। विधानसभा में इंडियन नेशनल लोक दल और हरियाणा लोकहित पार्टी के एक-एक और सात निर्दलीय विधायक हैं। पार्टी के एक नेता ने बताया कि हरियाणा के करीब 29 कांग्रेस विधायक रायपुर में हैं।

 

 


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