Twisha Sharma Case CBI Investigation: जल्द खुलेगा त्विषा शर्मा की मौत का राज! सीबीआई ने लिया बड़ा एक्शन, आरोपी के घर पहुंची टीम

Twisha Sharma Case CBI Investigation: चर्चित एक्ट्रेस मॉडल त्विषा शर्मा की मौत मामले में आखिरकार सीबीआई ने केस को अपने हाथों में ले लिया है।

Twisha Sharma Case CBI Investigation: जल्द खुलेगा त्विषा शर्मा की मौत का राज! सीबीआई ने लिया बड़ा एक्शन, आरोपी के घर पहुंची टीम

Twisha Sharma Case CBI Investigation/Image: AI Generated

Modified Date: May 26, 2026 / 01:29 pm IST
Published Date: May 26, 2026 1:13 pm IST
HIGHLIGHTS
  • त्विषा शर्मा मौत मामले की जांच अब CBI ने संभाली
  • CBI ने कटारा हिल्स थाने में दर्ज FIR को दोबारा रजिस्टर किया
  • जांच के दौरान टीम आरोपी और पति समर्थ सिंह के घर पहुंची

Twisha Sharma Case CBI Investigation: भोपाल के चर्चित एक्ट्रेस मॉडल त्विषा शर्मा की मौत मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है, आखिरकार सीबीआई ने इस केस को अपने हाथों में ले लिया है और जांच के सिलसिले में आरोपी और त्विषा के पति समर्थ सिंह के घर पहुंची है। CBI ने उस FIR को फिर से दर्ज किया है जो मूल रूप से कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी, और भोपाल पुलिस से इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है।

13 दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार

Twisha Sharma Case CBI Investigation आपको बता दें कि बता दें कि त्विषा शर्मा (33) का मायका नोयडा में है। उसकी शादी कुछ महीनों पहले भोपाल में अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुई थी। उसकी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह है। 12 मई को त्विषा शर्मा का शव भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में उनके ससुराल में फंदे से लटका मिला था। उनके परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। वहीं त्विषा के ससुराल वालों ने दावा किया कि उसे ड्रग्स की लत थी।

भारत के सीजेआई सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की की पीठ ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वह सुनिश्चित करेगी कि इस मामले की जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और पूर्वाग्रह रहित हो।

पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी में त्विषा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास एवं पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को नामजद किया गया है।

Twisha Sharma Case CBI Investigation पीठ ने कहा, ‘‘हम पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ-साथ आरोपियों के परिवार के सदस्यों से भी कहना चाहेंगे कि वे सार्वजनिक रूप से या मीडिया मंचों पर बयान देने के बजाय जांच एजेंसी के समक्ष अपनी बात दर्ज कराएं, ताकि जारी जांच पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े और कोई पूर्वाग्रह नहीं हो।’’

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.