Dhamtari Dussehra News: छत्तीसगढ़ के इस गांव में नहीं होता रावण दहन, होली भी जलती है सरहद के बाहर, जानिए क्यों
Dhamtari Dussehra News: छत्तीसगढ़ के इस गांव में नहीं होता रावण दहन, होली भी जलती है सरहद के बाहर, जानिए क्यों
Dhamtari Dussehra News/Image Source: IBC24
- जहां दशहरे पर नहीं जलता रावण
- धमतरी के इस गांव में आग लगाना है वर्जित
- धमतरी के इस गांव में आग जलाना है अशुभ
धमतरी: Dhamtari Dussehra News: धमतरी जिले का तेलिनसत्ती गांव अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है… वक्त ज़रूर बदला है लेकिन इस गांव के दस्तूर आज भी जस के तस कायम हैं। जहां पूरे देश में दशहरे पर रावण दहन होता है वहीं यहां दशहरे की खुशियाँ बिना रावण दहन के ही मनाई जाती हैं। गांववालों का मानना है कि आग जलाना उनके लिए अशुभ साबित हो सकता है।
धमतरी से कुछ ही दूरी पर बसे तेलिनसत्ती गांव की पहचान इसकी सदियों पुरानी परंपरा है। इस गांव में दशहरे पर रावण दहन नहीं किया जाता। यही नहीं होली का दहन और यहां तक कि चिता दाह तक गांव की सीमा के भीतर नहीं होता। हर बार आग से जुड़ी रस्में गांव की सरहद के बाहर निभाई जाती हैं।
Dhamtari Dussehra News: गांव के बुज़ुर्गों का कहना है कि सदियों पहले इस गांव में एक महिला ने अपने पति की चिता पर सती हो गई थी। तभी से यह परंपरा चली आ रही है कि गांव के भीतर किसी भी मौके पर आग नहीं जलाई जाएगी। लोगों का विश्वास है कि ऐसा करने से गांव पर आफ़त आ सकती है।
बदलते वक्त में भी यह दस्तूर कायम है। युवा वर्ग भी इसे अंधविश्वास नहीं, बल्कि आस्था से जोड़कर देखता है। उनका कहना है कि यह परंपरा ही गांव की पहचान है और इसे आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है। तेलिनसत्ती गांव का यह अनोखा दस्तूर ही इसे बाकी गांवों से अलग बनाता है। दशहरे पर भले ही यहां रावण दहन नहीं होता, लेकिन उत्साह, उमंग और त्योहार की रौनक किसी भी गांव से कम नहीं होती।
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