CG Dhan Kharidi Latest News: धान बेचने के लिए अब नहीं मिलेगा ऑनलाइन टोकन, अब यहां से बिक्री की तारीख लेंगे किसान, साय सरकार ने लिया बड़ा फैसला

धान बेचने के लिए अब नहीं मिलेगा ऑनलाइन टोकन, अब यहां से बिक्री की तारीख लेंगे किसान, Dhan Kharidi Token Closed in Chhattisgarh

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  • Publish Date - January 12, 2026 / 07:07 PM IST,
    Updated On - January 12, 2026 / 07:30 PM IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन धान टोकन व्यवस्था बंद, अब ऑफलाइन टोकन जारी होंगे
  • 16.95 लाख किसानों से 93.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
  • किसानों के खातों में सीधे 20,753 करोड़ रुपये का भुगतान

रायपुरः Dhan Kharidi Token Closed: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने ऑनलाइन टोकन प्रक्रिया को बंद कर दिया है। अब प्रदेश के किसान धान बिक्री के लिए ऑफलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। सरकार के फैसले के अनुसार अब किसानों को धान बेचने के लिए सहकारी समिति केंद्रों से सीधे टोकन जारी किए जाएंगे। नए निर्णय के तहत किसान अपने नजदीकी उपार्जन केंद्र या सहकारी समिति में जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ टोकन प्राप्त कर सकेंगे।

किसानों के खाते में पहुंचे इतने करोड़ रुपए

Dhan Kharidi Token Closed: बता दें कि प्रदेशभर में 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की जा रही है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल निगरानी में, सुव्यवस्थित और पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित हो रही है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि धान खरीदी का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक ही पहुंचे और बिचौलियों या फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश न रहे। अब तक प्रदेश में धान खरीदी केंद्रों की मदद से प्रदेश के 16.95 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों से 93.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। सरकार ने समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत किसानों को अब तक 20 हजार 753 करोड़ रुपए का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया है।

जिलेवार धान खरीदी (8 जनवरी तक)

महासमुंद 6,33,291 क्विंटल, बेमेतरा 5,33,482 क्विंटल, बलौदाबाजार-भाठापारा 5,15,071 क्विंटल, बालोद 4,99,074 क्विंटल, रायपुर 4,66,249 क्विंटल, धमतरी 4,43,308 क्विंटल, राजनांदगांव 4,42,473 क्विंटल, बिलासपुर 4,21,142 क्विंटल, जांजगीर-चांपा 4,18,429 क्विंटल, कवर्धा 4,12,003 क्विंटल, दुर्ग 3,60,605 क्विंटल, गरियाबंद 3,60,612 क्विंटल, मुंगेली 3,58,072 क्विंटल, रायगढ़ 3,42,528 क्विंटल, कांकेर 3,25,960 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ 3,14,758 क्विंटल। इसी तरह बस्तर 1,79,964 क्विंटल, बीजापुर 59,583 क्विंटल, दंतेवाड़ा 10,238 क्विंटल, कोंडागांव 1,97,106 क्विंटल, नारायणपुर 24,022 क्विंटल, सुकमा 47,617 क्विंटल, गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही 87,870 क्विंटल, कोरबा 1,56,983 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई 2,77,071 क्विंटल, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी 1,41,353 क्विंटल, बलरामपुर 1,57,708 क्विंटल, जशपुर 1,68,264 क्विंटल, कोरिया 76,648 क्विंटल, सरगुजा 2,02,951 क्विंटल, सूरजपुर 2,29,359 क्विंटल, सक्ती 2,70,468 क्विंटल और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर 56,855 क्विंटल धान की खरीदी हुई है।

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धान खरीदी के लिए ऑनलाइन टोकन क्यों बंद किया गया?

ऑनलाइन सिस्टम में आ रही तकनीकी समस्याओं और किसानों की शिकायतों के कारण सरकार ने ऑफलाइन व्यवस्था लागू की है।

अब किसान धान बेचने के लिए टोकन कहां से लेंगे?

किसान अपने नजदीकी सहकारी समिति या धान उपार्जन केंद्र से ऑफलाइन टोकन ले सकेंगे।

ऑफलाइन टोकन लेने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?

पंजीयन प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक कृषि दस्तावेज साथ रखना होगा।

अब तक किसानों को कितना भुगतान किया जा चुका है?

सरकार अब तक किसानों को 20,753 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे बैंक खातों में कर चुकी है।

क्या धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी?

सरकार के अनुसार पूरी व्यवस्था डिजिटल निगरानी में है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है।