Korba Pregnant Woman Death: कोरबा में माँ और नवजात दोनों की मौत.. प्रेम विवाह के बाद घर पर गूंजने वाली थी किलकारी, लेकिन फिर अचानक क्या हुआ ऐसा?..
मामले में स्त्री एवं प्रसूति विभागाध्यक्ष डॉ. आदित्य सिसोदिया ने अस्पताल प्रबंधन का पक्ष रखा है। उनके मुताबिक, महिला के गर्भाशय का मुंह नहीं खुल रहा था। उन्होंने कहा कि चिकित्सक नियमित रूप से उपलब्ध थे और महिला का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपचार से जुड़े मेडिकल दस्तावेज सामने आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
UP Doctor on Duty Machine || Image- IBC24 News File
- प्रसव के दौरान महिला और गर्भस्थ शिशु की मौत
- परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए
- अस्पताल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा
Mother and newborn both die in Korba: कोरबा: कोरबा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसव के दौरान एक नवविवाहिता और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान कविता के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों के आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा है।
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पिछले साल किया था प्रेम विवाह
जानकारी के मुताबिक, दीपका बस्ती निवासी ओंकारेश्वर रजक ने नवंबर 2025 में कविता से प्रेम विवाह किया था। परिवार में बच्चे के आने को लेकर खुशी का माहौल था। शुक्रवार तड़के कविता को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद परिजन उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां से जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई, जिसके बाद कविता को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया।
परिजनों ने इलाज में देरी का लगाया आरोप
Mother and newborn both die in Korba: परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद करीब तीन दिनों तक सामान्य प्रसव होने का आश्वासन दिया जाता रहा। परिवार की ओर से सोनोग्राफी कराने और जरूरत पड़ने पर सर्जरी के जरिए प्रसव कराने की मांग की गई थी। परिजनों ने रात के समय डॉक्टरों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
परिजनों के अनुसार, बाद में कविता को प्रसव कक्ष ले जाया गया, जहां उसकी हालत बिगड़ गई। कुछ देर बाद कविता और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
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अस्पताल प्रबंधन ने बताया अलग कारण
Mother and newborn both die in Korba: मामले में स्त्री एवं प्रसूति विभागाध्यक्ष डॉ. आदित्य सिसोदिया ने अस्पताल प्रबंधन का पक्ष रखा है। उनके मुताबिक, महिला के गर्भाशय का मुंह नहीं खुल रहा था। उन्होंने कहा कि चिकित्सक नियमित रूप से उपलब्ध थे और महिला का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपचार से जुड़े मेडिकल दस्तावेज सामने आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। साथ ही यह भी जांच के बाद ही पता चलेगा कि इलाज के दौरान किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी या नहीं।
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