Bhilai Steel Plant Scrap Case: BSP स्क्रैप चोरी मामले में राज्य सरकार का बड़ा फैसला, CBI जांच को दी मंजूरी…अब तक 19 आरोपी गिरफ्त में

Bhilai Steel Plant Scrap Case: BSP स्क्रैप चोरी मामले में राज्य सरकार का बड़ा फैसला, CBI जांच को दी मंजूरी...अब तक 19 आरोपी गिरफ्त में

Bhilai Steel Plant Scrap Case: BSP स्क्रैप चोरी मामले में राज्य सरकार का बड़ा फैसला, CBI जांच को दी मंजूरी…अब तक 19 आरोपी गिरफ्त में

Bhilai Steel Plant Scrap Case: BSP स्क्रैप चोरी मामले में राज्य सरकार का बड़ा फैसला, CBI जांच को दी मंजूरी...अब तक 19 आरोपी गिरफ्त में /image: Social Media

Modified Date: September 29, 2026 / 08:23 am IST
Published Date: September 29, 2026 8:22 am IST
HIGHLIGHTS
  • BSP स्क्रैप चोरी मामले में CBI जांच को मंजूरी
  • अब तक 19 आरोपी गिरफ्तार, 3 BSP कर्मचारी निलंबित
  • छापे में करीब 250 टन चोरी का स्क्रैप बरामद हुआ था

रायपुर। Bhilai Steel Plant Scrap Case: दुर्ग जिले के भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी मामले में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए CBI जांच की मंजूरी देते हुए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। बता दें कि 26 मई 2026 को दुर्ग की पुरानी भिलाई थाना पुलिस को अकलोरडीह-हथखोज इलाके में BSP के चोरी के स्क्रैप के अवैध भंडारण की सूचना मिली थी। छापे में लौह प्लेट, बीम और कटिंग समेत करीब 250 टन स्क्रैप बरामद किया गया था, जिसके बाद पुरानी भिलाई पुलिस ने अपराध क्रमांक 277/26 नंबर पर अपराध दर्ज किया था।

जांच के बाद तीन कर्मचारी निलंबित, 19 गिरफ्तार

Bhilai Steel Plant Scrap Case पुलिस के अनुसार, गिरोह फ्लू डस्ट ले जाने वाले ट्रकों में स्क्रैप छिपाकर BSP से बाहर निकालता था, बाद में इसे गोदामों में जमा कर बेचने या खपाने का आरोप है। जांच में ट्रांसपोर्टर, ड्राइवर, लोडर, स्क्रैप कारोबारी और BSP के कुछ कर्मचारियों की कथित भूमिका सामने आई है। जुलाई तक पुलिस ने 19 आरोपियों की गिरफ्तारियों की जानकारी दी थी, बाद में रायपुर पावर एंड स्टील से जुड़े लोगों पर भी चोरी का स्क्रैप खरीदकर खपाने के आरोप में कार्रवाई हुई। BSP ने अपनी आंतरिक जांच के बाद तीन कर्मचारियों को भी निलंबित किया था।

250 टन स्क्रैप बेचने का मामला

यानी यह सिर्फ प्लांट से कुछ किलो स्क्रैप चोरी का मामला नहीं, बल्कि पुलिस के अनुसार करीब 250 टन स्क्रैप को परिवहन व्यवस्था की आड़ में बाहर निकालने और उसे आगे बेचने वाले कथित नेटवर्क की जांच है। फिलहाल अब CBI जल्द ही पुलिस से अबतक की कार्रवाई के दस्तावेज लेगी और अपराध दर्जकर सभी पहलुओं पर जांच शुरू करेगी, जिसके बाद इस मामले में कई और नाम सामने आ सकते है।

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.