बिहार में छेड़छाड़ के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुशासन का प्रमाण : विजय चौधरी
बिहार में छेड़छाड़ के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुशासन का प्रमाण : विजय चौधरी
पटना, 29 सितंबर (भाषा) बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने महिलाओं से छेड़छाड़ की हाल की घटनाओं को ‘‘चिंता का विषय’’ मानते हुए मंगलवार को कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई राज्य में ‘सुशासन’ का प्रमाण है।
जनता दल यूनाइटेड (जद यू) के वरिष्ठ नेता चौधरी पार्टी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उनसे केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान की उन टिप्पणियों के बारे में पूछा गया था, जिसमें उन्होंने ऐसी घटनाओं पर ‘‘शर्म’’ महसूस करने और प्रशासनिक तंत्र के ‘‘काम नहीं करने’’ की बात कही थी।
चौधरी ने पासवान को याद दिलाया कि ‘‘उनकी पार्टी राज्य सरकार में साझेदार है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आदर्श स्थिति में अपराध की कोई घटना नहीं होनी चाहिए, लेकिन यदि ऐसी घटनाएं होती हैं और उन पर त्वरित कार्रवाई की जाती है, तो यह सुशासन का प्रमाण है।’’
जद (यू) नेता ने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष नीतीश कुमार, जो इस साल अप्रैल तक मुख्यमंत्री थे, हमेशा अपराध के प्रति ‘‘जीरो टॉलरेंस’’ की नीति के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके बाद मुख्यमंत्री बने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता सम्राट चौधरी भी ‘‘उसी नीति’’ का पालन कर रहे हैं।
चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर पुलिस की कार्रवाई में उन जातियों के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जिन्हें विपक्षी दल का समर्थक माना जाता है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘विपक्ष के नेता के तौर पर वह जो चाहें कह सकते हैं। लेकिन मैं चुनौती देता हूं कि हाल में गिरफ्तार किए गए सभी लोगों की पृष्ठभूमि का अध्ययन करें। किसी खास जाति को निशाना बनाए जाने का दावा अपने आप बेनकाब हो जाएगा।’’
चौधरी से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी विवाद के बारे में भी सवाल किया गया। यह विवाद हाल की मीडिया खबरों के बाद पैदा हुआ है, जिनमें दावा किया गया है कि एसआईआर प्रक्रिया के तरीके को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर गंभीर मतभेद थे।
चौधरी ने जिक्र किया कि पिछले साल बिहार में एसआईआर शुरू किए जाने के समय विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि बिहार में पहली बार एसआईआर कराए जाने के बाद इसे देश के अन्य राज्यों में भी लागू किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘सदन में मैंने विपक्ष और मीडिया से भी आग्रह किया था कि उन्हें यदि किसी तरह की विसंगति नजर आती है तो वे उसे सामने लाएं। सरकार चुनाव शुरू होने से पहले उनमें सुधार करने के लिए तैयार थी। लेकिन कोई शिकायत नहीं मिली।’’
चौधरी ने कहा, ‘‘इसलिए हम कह सकते हैं कि एसआईआर पारदर्शी तरीके से कराया गया था।’’
भाषा कैलाश मनीषा अविनाश
अविनाश

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