#NindakNiyre: छत्तीसगढ़ चुनाव की आधारशिला है अमित शाह का कोरबा में दिया गया भाषण, 26 बिंदुओं में खींचा 2023 का खाका..जानिए बिंदुवार विश्लेषण |

#NindakNiyre: छत्तीसगढ़ चुनाव की आधारशिला है अमित शाह का कोरबा में दिया गया भाषण, 26 बिंदुओं में खींचा 2023 का खाका..जानिए बिंदुवार विश्लेषण

शाह ने अपने पत्ते सीधे तो नहीं खोले, लेकिन लगभग खोल ही दिए। 26 बिंदुओं में समझते हैं उनके भाषण के मायने और निहितार्थ।

Edited By: , January 7, 2023 / 07:41 PM IST

बरुण सखाजी. सह-कार्यकारी संपादक-आईबीसी24

रायपुर।अमित शाह ने कोरबा से चुनावी बिसात का आगाज कर दिया है। वे 2023 को केंद्र में रखकर ही बोले। अपने मिजाज के अनुसार अच्छी रिसर्च, डाटा और मुद्दों का फीडबैक लेकर बोले । शाह ने अपने पत्ते सीधे तो नहीं खोले, लेकिन लगभग खोल ही दिए। 26 बिंदुओं में समझते हैं उनके भाषण के मायने और निहितार्थ।

  1. जिगर के टुकड़ेः छत्तीसगढ़ में बढ़े 10 लाख नए वोटर्स को लक्षित करके नए बढ़े मतदाताओं को जिगर के टुकड़े कहा।
  2. श्रीराम के ननिहाल में आयाः बीते कुछ वर्षों से छत्तीसगढ़ सरकार छत्तीसगढ़ को राम का ननिहाल के रूप में ब्रांडअप कर रही है। इसका कांग्रेस को फायदा भी मिल रहा है। राम को लेकर सॉफ्ट राम की छवि काम कर रही है। इसे सीधे नहीं तोड़ सकते तो इस तथ्य को जनरलाइज कर दिया जाए। किसने ज्यादा बोला, किसने पहले बोला को भूलकर यह एक सामान्य व्यवहार बन जाए।
  3. कर्मा माता को प्रणाम : प्रामाणिकता के लिए मड़वा माता और राजिम माता के साथ कर्मा माता को प्रणाम से शुरू किया। मतलब बहुत साफ है, किसान वोटर कंसोल है। इसे विभाजित किए बिना जीत नहीं सकते। इसलिए साहू समाज की आराध्या माता कर्मा को प्रणाम यह सिद्ध करता है कि अब साहू भाजपा की ओर मुड़ें। किसानों में सबसे ताकतवर और प्रभावशाली लोग साहू समाज से आते हैं।
  4. अटलजी ने बनाया छत्तीसगढ़ः बघेल के छत्तीसगढ़ी गौरव वाले फैक्टर को काउंटर करने के लिए यह बताना कि अटल जी ने ही इस राज्य को गठित किया है। यह सिद्ध करता है कि किसी भी क्षेत्रीय प्रतिष्ठा को बिना भूभाग के स्थापित नहीं किया जा सकता। यानि जो आज बघेल कह रहे हैं उसकी बुनियाद में अटलजी यानि भाजपा की सोच है।
  5. 15 वर्षों के कार्यकाल का कंपेरेटिवः बीते 2018 के बाद से ही भाजपा अपने 15 सालों को लेकर बैकफुट पर रही। पहली बार शाह ने डॉ. रमन का नाम लिया और 15 सालों का काम गिनाया। इसका अर्थ साफ है कि अब पार्टी चाहती है कि लोग तुलना करें। 15 सालों में कितने काम हुए और इन साढ़े 4 सालों में क्या हुआ।
  6. भूपेश कुछ किया हो तो तैयारी कर लेनाः यह कहकर शाह ने साफ किया कि आप स्वयं भी काम लेकर आओ। भाजपा का मतदाता और कार्यकर्ता इसके लिए अब प्रशिक्षित होने जा रहा है, कि वह तुलना में कम से कम कांग्रेस को पछाड़ देगा।
  7. भ्रष्टाचार कियाः यह आमतौर पर कोई भी विपक्षी कहता ही है। अमित शाह ने भी इसे रूटीन कहा। अभी इस पर सीधा हमला शुरू नहीं किया, लेकिन बारूद इकट्ठा की जा रही है। शाह ने संकेत तो दे दिए हैं।
  8. मोदी के काम गिनाएः शाह ने मोदी के काम गिनाते हुए कहा गरीबों के खाते खुले, गैस मिली, आवास बने, शौचालय बने। मतलब मोदी के काम को गिनाएंगे, सिर्फ काम को। वे राम मंदिर पर नहीं बोले। वे ट्रिपल तलाक पर नहीं बोले। वे धर्मांतरण पर नहीं बोले। क्योंकि ये सब यहां बेअसर मुद्दे हैं।
  9. मुफ्त वैक्सीन पहली बार मुद्दाः कोरोना वैक्सीन का पहली बार जिक्र करके शाह ने बता दिया कि वह इसे भी यूज करेंगे। वैक्सीन के वक्त राजनीतिक बयानबाजियां क्या थी, यह तुलना कराई जाएगी।
  10. महिला सुरक्षाः महिला वोटर को ध्यान में रखकर असुरक्षित माहौल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा क्यों बढ़ रहे हैं बलात्कार। यह अलग किस्म को वोटर है, जिसे शाह लेना चाहते हैं।
  11. नक्सल घटनाएं घटीः बतौर केंद्रीय गृहमंत्री यह उनका दायित्व भी है और राजनीतिक बात भी। एक तरफ बघेल कह रहे हैं कांग्रेस जब से आई है तब से घटनाएं घट रही हैं। इसे डायल्यूट करने के लिए शाह ने कहा, जब भाजपा सरकार में आई थी 2 हजार से अधिक सालाना घटनाएं थी। 2021 में सिर्फ 509 रह गईं। यानि यह बताना कि बघेल जो कह रहे हैं वह पहले से ही चल रहा है।
  12. 2024 तक नक्सल खत्मः शाह ने सबसे बड़ा बयान दिया है कि वे 2024 तक देश से नक्सल खत्म कर देंगे। यूं तो नक्सल को लेकर नगरीय या उत्तरी, मध्य छत्तीसगढ़ में कोई राजनीतिक पीड़ा या चेतना नहीं है, लेकिन आदिवासी क्षेत्रों में इनका कहर है। इस वाक्य के बहाने वे उन ट्राइब वोटर्स को साधते हैं जो बस्तर में है।
  13. ओबीसी को साधा: कांग्रेस आरक्षण विधेयक को राजभवन में अटक जाने से आदिवासी वोटरों को ही नुकसान नाप पा रही है, लेकिन शाह की रणनीति में यह अलग ढंग से आया। उन्होंने याद दिलाया ओबीसी को 27 परसेंट आरक्षण भाजपा ने दिया है। ट्राइब आरक्षण के भीतर से निकाला गया यह बिल्कुल नया पहलू है। इस पर अगर अवतल लेंस रखा जाए तो ओबीसी को अपनी ओर खींचा जा सकता है।
  14. ओबीसी को शिक्षा प्रवेश में आरक्षणः नीट, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए दिए गए ओबीसी कोटा का जिक्र करते हैं। साफ है उनकी प्राथमिकता ओबीसी है। इस लाइन से यह भी निकलता है कि अगला मुख्यमंत्री ओबीसी से आएगा।
  15. आदिवासियों के लिए क्या किया बघेल ने? : इसके जरिए शाह ने ललकारा है कि बघेल बताना शुरू करें। तब लोग तुलना करेंगे। उन्होंने राष्ट्रपति का पद आदिवासी संथाल को देने का भी जिक्र किया। यह साफ है कि वे कहना चाहते हैं आदिवासी समुदाय के लिए सबसे ज्यादा भाजपा ने किया है। वे बहुत चतुराई से आरक्षण के मुद्दे पर नहीं बोलते।
  16. आदिवासी जिलों का बजटःशाह ने दूसरे आदिवासी कनेक्शन गिनाते हुए कहा, 2014 तक इसके लिए 20 हजार करोड़ थे अब 83 हजार करोड़ हैं। यानि आदिवासियों की सच्ची हितैषी भाजपा है। कांग्रेस के कोर वोटर को बिखराने की इस रणनीति में बहुत कुछ छिपा है।
  17. डीएमएफ का फॉर्मलाइजेशनःशाह ने यहां डीएमएफ का जिक्र करके परोक्ष रूप से उन लोगों को संबोधित किया है जो इस व्यवसाय से रोजगार पा रहे हैं। इनमें ट्रक ड्रायवर, क्लीनर, भरने वाले मजदूर, मशीनरी खरीदकर किराये से चलाने वाले लोग, ठेके चलाने वाले आदि सब शामिल हैं। छत्तीसगढ़ देश के सबसे ज्यादा डीएमएफ वाला राज्य है। इसमें भी कोरबा नंबर-1 पर है। यहां राज्य का 40 फीसद डीएमएफ है। शाह ने यहां डीएमएफ को सीधे लोगों से जोड़ते हुए बताने की कोशिश की है कि किस तरह से कांग्रेस ने डीएमएफ में हेराफेरी करके आपको नुकसान पहुंचाया है। यह राजकीय भ्रष्टाचार नहीं बल्कि जनता की सीधी हानि का भ्रष्टाचार है। जो कार्रवाइयां हुईं हैं, उनसे निकलने वाले बड़े अंकों को जनता से जोड़ने का यह आधार बनेगा।
  18. धान का कटोरा भी मिनरल्स का कटोराःशाह ने नई शब्दावली गढ़ी। उन्होंने कहा धान का कटोरा तो है ही, अब यह मिनरल्स का भी कटोरा है। ताकि लोग इन विषयों को लेकर भी सेंसिटव हों। जो अडानी का परसा कोल ब्लॉक नहीं लगने दिया उसे देखते हुए लोगों में यह बात डालना जरूरी है कि वे सोचें यही रोजगार का जरिया है।
  19. केंद्र ने दिए साढ़े 9 हजार करोड़ कहां गए? :यह बताने की कोशिश करना कि बघेल बारंबार जीएसटी आदि का मांगते रहते हैं लेकिन जो केंद्र ने दिए हैं उनका हिसाब तो दें। यह बात लोगों में जाए कि वे सोचें केंद्र ने जो दिए हैं वह कहां गए। यह जीएसटी के रूप में छत्तीसगढ़ का हक केंद्र नहीं दे रहा को डायल्यूट करना है।
  20. भ्रष्टाचार पर वारःउन्होंने बहुत सीमित शब्दों में कहा भ्रष्टाचार का गढ़ बन गया। यह बताता है भाजपा की तैयारी लंबी है।
  21. छत्तीसगढ़िया को जय श्रीरामःयह बताता है कि शाह स्थानीयता के बने कॉम्प्लेक्स को हिंदुत्व और छत्तीसगढ़िया का नया कॉकटेल बनाना चाहते हैं।
  22. मोदी-मोदी मतलब देश की जयःशाह ने कहा मोदी विदेश जाते हैं लोग मोदी-मोदी करते हैं। यह कोई मोदी की जय नहीं। यह तो भारत की जय है। आपकी जय है। देश की जय है। छत्तीसगढ़िया की जय है। यह भी हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और छत्तीसगढ़िया का सुपर मिक्चर बनाने की कवायद है।
  23. बीजापुर आकांक्षी जिलों में नंबर वनःशाह ने कहा बीजापुर उन जिलों में नंबर एक है जो आकांक्षी हैं। मतलब सीधे रूप से उन्होंने बस्तर को संबोधित किया। बताने की कोशिश की, कांग्रेस कितना कम कर रही है आपके लिए।
  24. दंतेवाड़ा एजुकेशन सिटीःशाह ने बताया कि हम आदिवासी का मतलब सिर्फ वोट नहीं समझते। आप वनवासी और आदिवासी वाली चक्कलस में मत पड़ना। काम कर रहे हैं। शिक्षा का प्रसार कर रहे हैं। बीते दिनों कांग्रेस ने वनवासी और आदिवासी शब्दों पर बयान दिए थे।
  25. ये झूठ बोलते हैं: यह वाक्य एक विपक्षी दल का स्वाभाविक वाक्य है। शाह ने बघेल या कांग्रेस के दावों में शंका पैदा करने के लिए मतदाताओं को प्रेरित किया।
  26. डबल इंजन की सरकार: बिहार से शुरू हुए इस टर्म को छत्तीसगढ़ में पहली बार इस्तेमाल किया जाएगा। शाह ने साफ बता दिया कि डबल इंजन का मतलब 2023 में छत्तीसगढ़ और 2024 में केंद्र में सरकार है

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