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Sushasan Tihar: छत्तीसगढ़ में अब सुशासन तिहार, आम जनता से सीधे बाताचीत करेंगे सीएम साय और उनके मंत्री, कलेक्टरों को जारी हुआ ये निर्देश

रायपुर: Sushasan Tihar: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी करते हुए “सुशासन तिहार-2025” के आयोजन के निर्देश दिए है। यह तिहार प्रदेश में सुशासन की सशक्त स्थापना, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और जन संवाद को सशक्त बनाने के उद्देश्य से तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि सरकार शासन के प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता, प्रभावशीलता और जन-हितैषी प्रशासन की स्थापना को लेकर कटिबद्ध है। इस तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन सीधे आम जनता से जुड़कर, उनकी समस्याओं को समयबद्ध ढंग से सुलझाने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार राज्य में सुशासन की स्थापना को लेकर लगातार काम कर रही है। शासन-प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर शासकीय काम-काज में पारदर्शिता आए, शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो, इसका लाभ समाज के उन वर्गों को तत्परता से मिले, जिनके लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं, इसको लेकर शासन-प्रशासन स्तर पर प्रभावी पहल की जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर सुशासन तिहार-2025 के संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि “सुशासन तिहार-2025” के आयोजन के उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा विकास कार्यों में गति लाने के साथ ही आम जनता, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करना है।

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सुशासन तिहार-2025 का आयोजन तीन चरणों में

Sushasan Tihar: मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार-2025 का आयोजन तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 05 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस तिहार को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं एवं एक पोर्टल बनाया जा रहा है। प्रत्येक जिले की परंपराओं, आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुसार नवाचार भी किए जा सकते हैं, जिससे यह तिहार अधिक जनोपयोगी और प्रभावशाली बने।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि आम जनता से उनकी समस्याओं के संबंध में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक ग्राम पंचायत मुख्यालयों और नगरीय निकाय कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इन स्थलों पर समाधान पेटी रखी जाएगी, ताकि लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें निःसंकोच लिखकर उसमें डाल सकें। आवेदन प्राप्त करने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था जिला और विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर भी की जाए। आवश्यकतानुसार हाट बाजारों में भी आवेदन संग्रह किये जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की भी पोर्टल में व्यवस्था रहेगी। कॉमन सर्विस सेंटर का भी ऑनलाइन आवेदन लेने हेतु उपयोग किया जा सकता है। प्रत्येक आवेदन को एक कोड देने की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। निर्धारित प्रारूप में खाली आवेदन पत्र (ग्रामवार/नगरीय निकायवार कोड सहित) प्रिन्ट कराकर ग्रामीणों को उपलब्ध कराये जा सकते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रत्येक आवेदन को पोर्टल में पंजीकृत कर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा, साथ ही, आवेदनकर्ता को पावती दी जाएगी। जनता को आवेदन लिखने में सहायता प्रदान करने हेतु कलेक्टर आवश्यकतानुसार अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी लगा सकते हैं। इन तिथियों का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

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आवेदनों का निराकरण

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा और संबंधित जिला/जनपद/नगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजा जाएगा। संबंधित विभाग/अधिकारी लगभग एक माह में इन आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे। मांग से संबंधित आवेदनों को बजट की उपलब्धता के आधार पर निराकृत किया जाएगा। इन आवेदनों के निराकरण की गुणवत्ता का विश्लेषण जिला और राज्य स्तर पर किया जाए।

समाधान शिविर का आयोजन

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 05 मई से 31 मई 2025 के दौरान प्रत्येक 08 से 15 पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार समाधान शिविर आयोजित होंगे। शिविरों के आयोजन की तिथि की जानकारी आवेदकों को एस.एम.एस. के माध्यम से तथा आवेदन की पावती के माध्यम से दी जाए, साथ ही इन तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए। इन शिविरों में प्राप्त आवेदनों की प्रविष्टि भी पोर्टल में की जाए तथा जिन आवेदनों का निराकरण शिविर में सम्भव हो, शिविर में किया जाए, शेष आवेदनों का समाधान एक माह में कर आवेदकों को सूचित किया जाए। शिविरों में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन पत्र/प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक शिविर के लिए एक खंडस्तरीय अधिकारी को प्रभारी बनाया जाए, जो शिविर के समुचित संचालन को सुनिश्चित करेंगे। समाधान शिविरों में विकासखंड एवं अनुभाग स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जिला स्तर से भी कुछ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसी तरह की व्यवस्था नगरीय निकायों के शिविरों में भी की जाए।

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विकास कार्यों का औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण उनके द्वारा किया जाएगा। विभिन्न योजनाओं से लोगों को मिल रहे लाभ के बारे में फीडबैक लिया जाएगा। प्रभारी मंत्रीगण, प्रभारी सचिव भी अपने स्तर पर यह प्रक्रिया अपनाएंगे।

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