प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन,प्रधानमंत्री ने शोक व्यक्त किया

प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन,प्रधानमंत्री ने शोक व्यक्त किया

प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन,प्रधानमंत्री ने शोक व्यक्त किया
Modified Date: July 5, 2026 / 10:07 am IST
Published Date: July 5, 2026 10:07 am IST

रायपुर, पांच जुलाई (भाषा) छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककथा गायन शैली पंडवानी को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाली प्रख्यात लोकगायिका तीजन बाई का रविवार को रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। चिकित्सकों ने यह जानकारी दी।

वह 70 वर्ष की थीं।

एम्स रायपुर के एक चिकित्सक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई ने रविवार तड़के सवा तीन बजे आखिरी सांस ली। एम्स में 27 मई से उनका उपचार किया जा रहा था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीजन बाई के निधन पर दुख जताया और कहा कि उन्होंने अपनी प्रस्तुतियों के ज़रिए छत्तीसगढ़ की लोककला को दुनिया भर में एक अलग पहचान दिलाई।

तीजन बाई दुर्ग जिले से थीं। अपनी दमदार आवाज, मंच पर प्रभावशाली उपस्थिति और भावपूर्ण प्रस्तुति शैली के लिए प्रसिद्ध तीजन बाई ने पंडवानी को एक क्षेत्रीय लोक परंपरा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित लोककला का दर्जा दिलाया।

पंडवानी छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला है, जिसमें महाभारत के प्रसंगों को प्रभावशाली कथा-वाचन, लोकगायन और संगीत के साथ जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

उनकी प्रस्तुतियों ने देश-विदेश के दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया और इसी के साथ उनका नाम देश के सबसे सम्मानित एवं लोकप्रिय लोक कलाकारों में शामिल हो गया।

भारतीय लोककलाओं में उनके असाधारण योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण प्रदान किया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ मशहूर पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन से बहुत दुख हुआ है। उन्होंने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से छत्तीसगढ़ की लोक कला को दुनिया भर में एक खास पहचान दिलाई। उनका जाना कला और संस्कृति की दुनिया के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।’’

भाषा शोभना रंजन

रंजन


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