शह मात The Big Debate: ‘चिंतन’ में जुटी सरकार.. विपक्ष का जुबानी वार.., साय सरकार का चिंतन शिविर 3.0 हुआ शुरू, सिखने-सिखाने को लेकर क्यों छिड़ी जुबानी जंग?

CG Politics News: 4 जुलाई शनिवार को नवा रायपुर स्थित IIM में साय सरकार का चिंतन शिविर 3.0 शुरू हुआ। सीएम विष्णुदेव साय ने इसका शुभारंभ किया।

शह मात The Big Debate: ‘चिंतन’ में जुटी सरकार.. विपक्ष का जुबानी वार.., साय सरकार का चिंतन शिविर 3.0 हुआ शुरू, सिखने-सिखाने को लेकर क्यों छिड़ी जुबानी जंग?

CG Politics News/Image Credit: IBC24.in

Modified Date: July 4, 2026 / 11:47 pm IST
Published Date: July 4, 2026 11:38 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 4 जुलाई शनिवार को नवा रायपुर स्थित IIM में साय सरकार का चिंतन शिविर 3.0 शुरू हुआ।
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसका शुभारंभ किया।
  • शिविर में विकसित छत्तीसगढ़ के विजन, सुशासन और भविष्य की रणनीतियों पर मंथन शुरू हो चुका है।

CG Politics News: रायपुर: 4 जुलाई शनिवार को नवा रायपुर स्थित IIM में साय सरकार का चिंतन शिविर 3.0 शुरू हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसका शुभारंभ किया। शिविर में विकसित छत्तीसगढ़ के विजन, सुशासन और भविष्य की रणनीतियों पर मंथन शुरू हो चुका है। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश भर से जाने-माने विषय विशेषज्ञ मंत्रियों को नीति निर्माण, नवाचार, नेतृत्व और प्रभावी प्रशासन से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। प्रदेश के डिप्टी CM अरुण साव का दावा है कि, तीसरे चिंतन शिविर का उद्देश्य शासन-प्रशासन को ज्यादा प्रभावी और जनहितैषी बनाना है। इधऱ, बीजेपी सरकार को चिंतन शिविर को, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर के बाद बढ़ी चिंता का नतीजा बताया।

कांग्रेस के नकल वाले आरोप स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने करारा पलटवार किया कहा कि, कांग्रेस खुद को सर्वज्ञ समझती है। सीखना-सिखाना जैसी बातें कांग्रेस ने कब की बंद कर दी हैं, (CG Politics News) जिस पर पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने तंज कसा कि, भाजपा में ED, CBI के सियासी उपयोग और बीफ कंपनियों से चंदा लेने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

CG Politics News: चंद दिन पहले कांग्रेस ने अपने जिलाध्यक्षों की 10 दिन तक ट्रेनिंग की, दावा किया कि ट्रेनिंग के बाद एक नई कांग्रेस पूरी धार और रफ्तार से सरकार को घेरेगी। अब बीजेपी दावा करती है कि सुशासन और प्रशासनिक कसावट के लिए ये चिंतन शिविर 3.0 मददगार साबित होंगे। वैसे, सियासत में विरोधी खेमे के प्रशिक्षण पर नजर रखना लाजिमी है, इनसे पार्टियों को कितना लाभ होगा इससे भी बड़ा सवाल ये है कि इससे जनता को क्या मिलता है? पिछले 2 शिविरों की ट्रेनिंग का जमीन पर कितना लाभ आमजन को मिला?

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