शह मात The Big Debate: ‘गरबा पार्टनर’ ऑन रेंट, शोर.. शिकायत.. गदर! आयोजन से पहले गरमाई सियासत, आखिर इस पर हर साल नई कंट्रोवर्सी क्यों होती है?

'गरबा पार्टनर' ऑन रेंट, शोर.. शिकायत.. गदर! आयोजन से पहले गरमाई सियासत, Politics in Chhattisgarh over Garba partners

शह मात The Big Debate: ‘गरबा पार्टनर’ ऑन रेंट, शोर.. शिकायत.. गदर! आयोजन से पहले गरमाई सियासत, आखिर इस पर हर साल नई कंट्रोवर्सी क्यों होती है?

Garba partners in CG. Image Source- IBC24

Modified Date: September 25, 2026 / 12:18 am IST
Published Date: September 25, 2026 12:00 am IST

रायपुरः Garba partners in CG नवरात्रि आने वाली है, शक्ति उपासना के साथ 10 दिन तक गरबा आयोजनों को लेकर जमकर तैयारियां की जा रही हैं लेकिन इसी बीच किराए पर गरबा पार्टनर के ऑफर वाले पोस्टर्स पर बवाल मच गया। ऐसे दर्जनों मामले सामने आ चले हैं जहां विभिन्न कैटेगरी वाले किराए के पार्टनर्स उपलब्ध होने की बात कही जा रही है। पोस्ट को लेकर पुलिस में लिखित शिकायत हो चुकी है। विपक्ष कह रहा है ये सरकार की विफलता का आईना हो सत्तापक्ष का दावा है, इसके पीछे किसकी साजिश है जल्द खुलकर सामने आएगा। सवाल है कि ये महज एक नया सोशल मीडिया शगल है या सोचा समझा षड़यंत्र?

 Garba partners in CG रायपुर में नवरात्रि पर गरबा आयोजनों से पहले सोशल मीडिया पर “Rent A Garba Partner” नाम से वायरल आपत्तिजनक पोस्टर पर सियासत गर्मा गई है। पोस्टर में रायपुर, भिलाई, दुर्ग जैसे शहरों में बाकायदा गरबा पार्टनर की 3 पैकेज डील दी गई हैं जैसे- सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम। पोस्टर में लिखा है कि 2 घंटे से लेकर पूरी रात गरबा करने, मैचिंग आउटफिट, इंस्टाग्राम रील और घर तक छोड़ने तक की व्यवस्था है। जाहिर है पोस्टर सामने आते ही गरबा आयोजकों में हड़कंप मच गया। पुलिस और साइबर सेल ने इसकी जांच शुरू कर दी है..हालांकि,पुलिस में मामले में जांच शुरू कर दी है।

मामले पर सियासी रंग चढ़ना भी शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल ने रायपुर पुलिस कमिश्नर से वायरल पोस्ट की लिखित शिकायत की तो वहीं पूर्व मंत्री भगत ने कहा कि ये सरकार को आईना दिखाने वाली बात है तो वहीं बीजेपी का दावा है ऐसी घटिया हरकर करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे, इनके पीछे कौन हैं जल्द सामने आ जाएगा। हालांकि रिपोर्ट्स बताती है कि ऐसे मामले केवल छत्तीसगढ़ से ही नहीं, बल्कि अहमदाबाद, सूरत से लेकर मुंबई तक से सामने आए हैं। साइबर क्राइम मामलों को खंगाल रही है। जांच इस बात की हो रही है कि विज्ञापन का मकसद सिर्फ गरबा पार्टनर उपलब्ध कराना है या कुछ और?


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।