Dhan Kharidi Token Closed News: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी पर सस्पेंस खत्म! ऑफलाइन टोकन आदेश के बाद डिप्टी सीएम का बड़ा बयान, किसानों से कह दी ये बड़ी बात
Dhan Kharidi Token Closed News: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी पर सस्पेंस खत्म! ऑफलाइन टोकन आदेश के बाद डिप्टी सीएम का बड़ा बयान, किसानों से कह दी ये बड़ी बात
Dhan Kharidi Token Closed News/Image Source: IBC24
- ऑनलाइन टोकन नहीं मिलेगा,
- डिप्टी CM का बड़ा बयान
- एक-एक दाना खरीदेगी सरकार- साव
रायपुर: Dhan Kharidi Token Closed News: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने धान खरीदी के लिए ऑनलाइन टोकन सिस्टम को बंद कर दिया है। अब प्रदेश के किसान ऑफलाइन टोकन के माध्यम से धान की बिक्री कर सकेंगे। सरकार के इस फैसले के तहत अब किसानों को सहकारी समिति और उपार्जन केंद्रों से सीधे टोकन जारी किए जाएंगे।
एक-एक दाना खरीदेगी सरकार- अरुण साव (Chhattisgarh paddy procurement offline token)
Dhan Kharidi Token Closed News: नए निर्णय के अनुसार किसान अपने नजदीकी उपार्जन केंद्र या सहकारी समिति में आवश्यक दस्तावेजों के साथ जाकर ऑफलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब धान बेचने वाले किसानों को ऑनलाइन टोकन नहीं मिलेगा। इस संबंध में डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार पात्र किसानों का एक-एक दाना धान खरीदेगी। किसानों को धैर्य रखने की जरूरत है सभी किसानों का धान खरीदा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस धान खरीदी को लेकर भ्रम फैलाने का काम कर रही है। वहीं खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने बताया कि अब तक प्रदेश में 144 लाख मीट्रिक टन धान के टोकन कट चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास अब भी धान बचा हुआ है वे समिति जाकर ऑफलाइन टोकन कटवा सकते हैं। टोकन मिलने में किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी और इस बार पिछले वर्ष की तुलना में अधिक धान की खरीदी की जाएगी।
धान खरीदी को लेकर राजनीति गरमाई (Dhan Kharidi offline Token News)
Dhan Kharidi Token Closed News: इधर सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद दुबे ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस के दबाव में एक बार फिर यू-टर्न लिया है। प्रमोद दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शुरू से ही ऑफलाइन टोकन वितरण की मांग कर रही थी लेकिन अब जब धान खरीदी की मियाद समाप्ति की ओर है तब सरकार ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर सरकार की शुरुआत से ही मंशा किसानों का धान कम से कम खरीदने की रही है लेकिन दबाव के चलते अब यह फैसला लेना पड़ा। धान खरीदी व्यवस्था में हुए इस बदलाव को लेकर प्रदेश की सियासत भी गर्मा गई है जबकि किसान अब ऑफलाइन टोकन के जरिए अपनी फसल बेच सकेंगे।

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