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Chhattisgarh New Education Session: जुलाई से खुलेंगे छत्तीसगढ़ में स्कूल?.. कांग्रेस की मांग पर CM विष्णुदेव ने दी प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा..

Will schools open in Chhattisgarh in July

Will schools open in Chhattisgarh in July || Image- IBC24 News File

Will schools open in Chhattisgarh in July?: रायपुर: छत्तीसगढ़ में आज स्कूलों की गर्मियों की छुट्टी का आखिरी दिन है। कल 16 जून को प्रदेशभर के स्कूलों में शाला प्रवेशोत्सव मनाया जाएगा। इस समारोह में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि हिस्सा लेंगे और नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का स्वागत के साथ स्कूलों में उनका प्रवेश कराएँगे।

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राज्य में शाला प्रवेशोत्सव को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा की है। उन्होंने बताया कि, स्कूलों में युक्तियुक्तकरण के बाद अच्छा वातावरण है। अब सभी स्कूलों में शिक्षक होंगे। मुख्यमंत्री साय ने जुलाई महीने से स्कूल खोले जाने वाली मांग पर कहा कि तारीख बढ़ाने पर विचार कर लिया जाएगा।

क्या है कांग्रेस की मांग?

Will schools open in Chhattisgarh in July?: दरअसल मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार से स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां जुलाई तक बढ़ाने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने प्रदेश में पड़ रही गर्मी और उमस का हवाला दिया है। कल शनिवार को दीपक बैज ने जुलाई से स्कूलों को खोले जाने की मांग करते हुए बच्चों को राहत देने की बात कही थी।

16 जून से नए सत्र की शुरुआत

गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ में आगामी 16 जून 2025 से नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के समस्त जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर “शाला प्रवेश उत्सव” में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। यह आयोजन राज्य में शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त बनाने और शत-प्रतिशत बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

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सीएम ने लिखा खत

Will schools open in Chhattisgarh in July?: मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण अवश्य है, परंतु यह असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि “असंभव को संभव” बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर सार्थक प्रयास करने होंगे। इसके लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि कोई भी बच्चा विद्यालय से वंचित न रहे और सभी बच्चों का समय पर प्रवेश सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री साय ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रभावशील है, तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि कक्षा 12वीं तक शाला त्याग दर को धीरे-धीरे शून्य किया जाए। इसके लिए शैक्षणिक अवरोधों को पहचानकर उन्हें दूर करने की जिम्मेदारी सभी हितधारकों की साझा है।

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