Rajim Kumbh Mela 2026 : राजिम कुंभ कल्प-मेला से पहले ही टेंडर को लेकर बवाल, मात्र 4 दिन में खत्म हो रही 6 करोड़ रुपए की टेंडर प्रक्रिया

Rajim Kumbh Mela: 7 जनवरी को अखबार में अधिकारियों ने टेंडर की नोटिस छापी 10 जनवरी को पूरी प्रक्रिया खत्म कर दी जाएगी। अब सवाल ये कि प्रदेश और देश के बाहर की एजेंसियां क्या 4 दिन में सभी प्रक्रिया पूरी कर पाएंगी या पहले से ही किसी चहेते को टेंडर देने की तैयारी है।

Rajim Kumbh Mela 2026 : राजिम कुंभ कल्प-मेला से पहले ही टेंडर को लेकर बवाल, मात्र 4 दिन में खत्म हो रही 6 करोड़ रुपए की टेंडर प्रक्रिया

Rajim Kumbh Mela

Modified Date: January 8, 2026 / 11:58 pm IST
Published Date: January 8, 2026 11:55 pm IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ की धर्म नगरी में भ्रष्ट्राचार का अधर्म
  • राजिम कुंभ कल्प में कमीशन की डुबकी
  • नियमों की दरकिनारी, चहेते को टेंडर देने की तैयारी

रायपुर: Rajim Kumbh Mela 2026, राजिम कुंभ कल्प-मेला 2026 के आयोजन से पहले ही टेंडर को लेकर बवाल शुरू हो चुका है। इवेंट टेंडर को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। छह करोड़ रुपए के टेंडर को सिर्फ 4 दिन में खत्म किया जा रहा है। इस टेंडर के बाद ही राजिम मेला आयोजन के लिए पूरा स्ट्रक्चर खड़ा होगा।

7 जनवरी को अखबार में अधिकारियों ने टेंडर की नोटिस छापी 10 जनवरी को पूरी प्रक्रिया खत्म कर दी जाएगी। अब सवाल ये कि प्रदेश और देश के बाहर की एजेंसियां क्या 4 दिन में सभी प्रक्रिया पूरी कर पाएंगी या पहले से ही किसी चहेते को टेंडर देने की तैयारी है। देखिए स्पेशल रिपोर्ट..

छत्तीसगढ़ की धर्म नगरी में भ्रष्ट्राचार का अधर्म

छत्तीसगढ़ की धर्म नगरी में भ्रष्ट्राचार का अधर्म, राजिम कुंभ कल्प में कमीशन की डुबकी, नियमों की दरकिनारी, चहेते को टेंडर देने की तैयारी, आखिर इतनी हड़बड़ी क्यों?  (Rajim kumbh kalp) राजिम नगरी में होने जा रहे कुंभ कल्प मेले में देशभर से लोग आते हैं। प्रदेश का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन चर्चा में है। चर्चा भ्रष्टाचार के सवालों की है। राजिम कुंभ कल्प के टेंडर को लेकर बवाल क्यों मचा है? 7 जनवरी के अखबार में टेंडर की नोटिस छपी कह दिया गया कि 10 जनवरी की शाम 5 बजे तक टेंडर जमा करें, 5 बजकर 10 मिनट में टेंडर खुल जाएगा। प्रशासनिक मामलों के जानकार उचित शर्मा बताते हैं कि ये हड़बड़ी ही गड़बड़ी की सारी कहानी कह रही है, क्योंकि राज्य सरकार के क्रय नियमों को अनदेखा किया गया है।

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जब हमारी टीम कलेक्टोरेट पहुंची तो यहां बिडर्स की बैठक चलती दिखी, यहां 20 सालों से राजिम कुंभ मेले के काम का ठेका लेने वाली एजेंसी के लोग ठेका कैसे इस बार भी उन्हें ही मिले इसका जोर लगा रहे थे। नए पार्टिसिपेंट भी आपत्तियां कर रहे थे, (Rajim kumbh kalp) आपत्तियों पर अधिकारी भी क्या करें क्या न करें की हालत में दिखे.. इस पूरे मामले पर राजिम के पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल भी सवाल उठा रहे हैं।

राजिम कुंभ में होता क्या-क्या है?

अब जानिए कि आखिर राजिम कुंभ में होता क्या-क्या है
— हर साल 60 एकड़ में लगता है विशाल मेला
— सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन होते हैं
— कई संतों के अखाड़े पहुंचते हैं
— 2 हजार से अधिक दुकानें लगती हैं
— इस बार प्रयागराज की तर्ज पर टेंट सिटी बनाई जा रही है
— इस टेंट सिटी में लोग रात बिता सकेंगे
— 5 लाख से अधिक लोगों का जमावड़ा होता है,
— हर साल इसमें 10 से 20 करोड़ खर्च होते हैं।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com