सांसद नंदकुमार चौहान के खिलाफ नारेबाजी के बाद भिड़े कार्यकर्ता, अपने ही कार्यकर्ताओं को कह दिया गद्दार

सांसद नंदकुमार चौहान के खिलाफ नारेबाजी के बाद भिड़े कार्यकर्ता, अपने ही कार्यकर्ताओं को कह दिया गद्दार

सांसद नंदकुमार चौहान के खिलाफ नारेबाजी के बाद भिड़े कार्यकर्ता, अपने ही कार्यकर्ताओं को कह दिया गद्दार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:36 pm IST
Published Date: February 25, 2019 12:44 pm IST

खंडवा। जिले के छैगांवमाखन में भारतीय जनता पार्टी पालक कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान सोमवार को सांसद नंदकुमारसिंह चौहान के खिलाफ़ नारेबाजी ने तूल पकड़ लिया। सांसद के भाषण के दौरान कार्यकर्ता एक-दूसरे से भिड़ गए। कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश अध्यक्ष चौधरी राकेश सिंह को खुद मोर्चा संभालना पड़ा। स्थिति ऐसी बन गई कि नंदकुमार सिंह चौहान को अपना भाषण रोकना पड़ा। सांसद ने आवेश में अपने ही कार्यकर्तावो को गद्दार कह दिया।

पूर्व मप्र भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह इन दिनों राजनीति में अपनों के विरोध का सामना कर रहे हैं। लोकसभा क्षेत्र में उनकी टिकट की दावेदारी को लेकर वर्चस्व दिखाने के लिए खंडवा लोकसभा क्षेत्र के आठों विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को लेकर कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। लेकिन हंगामा है कि थमने का नाम ही नही ले रहा है। आज इस कार्यकर्ता सम्मेलन में नंदकुमार सिंह चौहान जब भाषण देने उठ खड़े हुए तो नंदकुमारसिंह चौहान के खिलाफ दर्शकों की भीड़ से नंदकुमारसिंह के खिलाफ नारेबाजी होने लगी। कार्यकर्ता आपस मे हाथापाई करने लगे। मंच से नंदकुमारसिंह को कहना पड़ा कि ये गद्दार हैं, जो कार्यक्रम सफल नही होने देना चाहते। हंगामे को शांत करने के लिए खुद प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को आकर मामला शांत करना पड़ा।

कार्यक्रम में हंगामे को शांत कराने के बाद प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि हमारा उद्देश्य और ध्येय मिशन 29 है। केंद्र में इस बार फिर से मोदीजी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए हम सब कटिबद्ध हैं। हमारा ध्येय इस बार प्रदेश की सभी 29 सीटें जीतना है। उन्होंने कहा कि कुछ कमियों की वजह से कांग्रेस का पूरी तरह सफाया नही हो पाया था। लेकिन इस बार प्रदेश को कांग्रेस से मुक्त कर दिया जाएगा।

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बहरहाल, प्रदेश अध्यक्ष के सामने राजनीति की आज की प्रयोगशाला में नंदकुमार सिंह चौहान रंग जमाने में फेल हो गए। अब देखना यह है कि इस हंगामे की गूंज लोकसभा चुनाव में किस कदर खलल पैदा करती है।


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