गजराज के हमले के बाद महिला ने दिखाई हिम्मत, घायल अवस्था मेें पति और बेटे को निकाला जंगल से बाहर

गजराज के हमले के बाद महिला ने दिखाई हिम्मत, घायल अवस्था मेें पति और बेटे को निकाला जंगल से बाहर

गजराज के हमले के बाद महिला ने दिखाई हिम्मत, घायल अवस्था मेें पति और बेटे को निकाला जंगल से बाहर
Modified Date: November 29, 2022 / 08:52 pm IST
Published Date: February 17, 2019 5:00 am IST

सरगुजा । हाथी के हमले में एक परिवार के तीन लोग घायल हो गए हैं। राहत की बात ये रही कि परिवार की महिला की समझदारी से तीनों की जान बच गई। सूरजपुर जिले का रहने वाला रामबरन अपनी पत्नी लवांगो बाई और 6 साल के बेटे नील के साथ अन्नप्राशन कार्यक्रम में शामिल होने गया हुआ था । जब ये परिवार शाम को जंगल के रास्ते वापस लौट रहा था तभी सोनपुर जंगल में हाथियो का दल अचानक इनके सामने आ गया। हाथियों को देखकर परिवार के हाथ पैर फूल गए। हाथियों को पास आता देख परिवार ने बाइक छोड़कर भागने की कोशिश की,लेकिन एक हाथी ने पीछे से आकर एक साथ तीनों को सूड़ में लपेट लिया और फेंक दिया ।

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हाथी द्वारा तीनो फेंके जाने पर माँ और बच्चा जंगल में लगे फेंसिंग के दूसरी तरफ का गिरे और गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए । रामबरन फेंसिंग के इस पार गिरा और बेहोश हो गया, जहां हाथी मौजूद थे । हालांकि राहत की बात ये रही कि रामबरन को मरा समझ कर हाथी वहां से लौट गया। महिला और बच्चे के फेंसिंग के दूसरी तरफ होने के कारण हाथी उन तक नहीं पहुंच पाया। इधर घटना के कुछ देर बाद जब महिला को होश आया तो उसने देखा की उसका बच्चा और पति दोनों बेहोश हैं। ऐसे में महिला ने गंभीर रुप से घायल होने के बाद भी पहले अपने पति को किसी तरह फेंसिंग के इस पार खींच कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस दौरान महिला ने बच्चे को भी गोद में लिए हुए संघर्ष किया।

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काफी समय बाद जब रामबरन को होश आया, कुछ दूर चलने पर उन्हें एक घर भी नजर आया। लेकिन बदकिस्मती से उस घर को लोगों ने हाथी के आमद के कारण छोड़ दिया था। इसके बाद रामबरन और उसका परिवार किसी तरह अपने गांव पहुंचा। घर पहुंचते ही रामबरन और उसका बेटा फिर बेहोश हो गए। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी वन कर्मियों को दी । एंबुलेंस 112 की मदद से परिवार को अंबिकापुर मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।


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